Wine in Noida: कर्फ्यू में शराब का बढ़ता नशा, नोएडा के लोगों ने जाम पर छलकाए 94 करोड़ रुपये

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कोरोना काल के समय में लोगों के काम-धंधे चौपट, घर-परिवार में मातम यहां तक की दूसरे पल क्या हो ये कोई नहीं जानता। इतना ज्यादा खौफ कोरोना की कि लोग घर में रहना पसंद कर रहे हैं। आर्थिक तंगी से परेशान है लोग, अर्थव्यवस्था का बूरा हाल। क्या सही में लोगों को आर्थिक तंगी है?

लोगों की सोच देखिए जब जरुरी सेवाओँ की बात आती है तो ये चीज मंहगी वो चीज मंहगी, शुरु हो जाता है सरकार को कोसना, लेकिन जब बात आती है शराब की तो हर हाल में शराब का सेवन जरुर करेंगे। शराब के लिए तो लाखों रुपए कूर्बान।

कोरोना संक्रमण की वजह से लगे आंशिक कर्फ्यू के बीच लोगों का शराब के प्रति अपार प्रेम देखने को मिल रहा है। इतनी पाबंदियों के बीच नोएडा के लोगों ने करीब एक अरब रुपये का जाम छलका दिया। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि मई में कुल 94 करोड़ रुपये शराब की बिक्री जिले में हुई।

पिछले साल की मई के मुकाबले इस साल मई में कुल 31 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ। मई में देसी शराब की कुल खपत दस लाख लीटर रही। वहीं, विदेशी मदिरा की कुल दस लाख 60 हजार बोतल बिकी। बीयर की भी 17 लाख कैन बिकीं। मई के तीसरे सप्ताह तक बिक्री में थोड़ी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अंतिम सप्ताह में बिक्री ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए।

बता दें कि इस माह 11 मई को लंबे समय बाद जब शराब की दुकानें खुली तो जमकर बिक्री हुई। शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइन देखने को मिलीं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सामान्य महीनों में जिले में 75 से 80 करोड़ की शराब बिक जाती है। औसतन ढाई करोड़ की शराब की जिले में रोजाना खपत होती है।

शराब की बिक्री से बड़ा राजस्व सरकार को जाता है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देसी शराब की सबसे ज्यादा खपत लेबर क्लास में होती है। कोरोना के कारण श्रमिक वर्ग भारी संख्या में पलायन कर गया है। श्रमिक वर्ग के न होने से देसी शराब की बिक्री काफी कम हो गई थी, लेकिन जिले में अनलॉक होने की सुगबुगाहट के बीच अब श्रमिक वर्ग वापस लौट आया है।

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