कोरोना पर WHO चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा- भारत के लिए अगले 6 से 18 महीने अहम, संक्रमण की नई लहरें आ सकती है

0
14
WHO Chief Scientist on Corona

कोरोना का कहर बड़ी ही तेजी से बढ़ता जा रहा है। बढ़ते संक्रमण के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन का दावा यकीनन लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है। स्वामीनाथन के अनुसार इस बात की संभावना जताई जारी है कि भारत में कोरोना की लहर कम होने की वजह तेज होगी बल्कि एक नई लहर आ सकती है।

स्वामीनाथन ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए गए प्रयास काफी महत्वपूर्ण है खासतौर पर अगले 6 से 18 महीनों के लिए।

WHO Chief Scientist on Corona

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए WHO के अनुसार वायरस में होने वाले कई तरह के बदलाव और नए वैरिएंटस के खिलाफ वैक्सीन जैसी अन्य चीजों पर यह निर्भर होगा कि आगे भारत जैसी बड़ी जनसंख्या वाले देश में कोरोना की स्थिति क्या रहने वाली है।

कोरोना टीकीकरण के बीच इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2021 के आखिरी तक ऐसी संभावना है कि दुनिया की 30% आबादी को टीका लग जाएगा। ऐसे में कोरोना से हो रही मौतों का आंकड़ा कम हो सकता है। हालांकि, हर्ड इम्यूनिटी तक पहुंचने के लिए अभी तक कोई जानकारी नहीं है कि यह कितने लोगों के वैक्सीनेशन के बाद संभव हो पाएगी। लेकिन एक स्टडी में इस बात पर भी दावा किया गया है कि दिसंबर तक 70% आबादी में हर्ड इम्यूनिटी बन सकती है।

WHO Chief Scientist on Corona

अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ को दिए इंटरव्यू में डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने देश में कोरोना की वर्तमान स्थिति और वैक्सीनेशन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में मिला वायरस का B1.617 वैरिएंट कोरोना के ओरिजिनल स्ट्रेन के मुकाबले दोगुना ज्यादा संक्रामक है। हालांकि, यह कितना गंभीर या खतरनाक है, इसके रिजल्ट का इंतजार हम सभी को है।

डॉ. स्वामीनाथन ने वैक्सीन को लेकर कहा कि भारत में मौजूद वैक्सीन नए वैरिएंट और उसके म्यूटेंट के खिलाफ कारगर है। उन्होंने कहा कि हर किसी को वैक्सीन लेना बहुत जरूरी है। हो सकता है वैक्सीनेशन के बाद भी लोग संक्रमित हों, लेकिन कंप्लीट वैक्सीनेशन के बाद एक बड़ी आबादी को गंभीर खतरे से बचाया जा सकता है।

कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन 100% सुरक्षा तो नहीं दे सकता, लेकिन आपको बड़े खतरे से जरूर बचा सकता है। इस बात का प्रमाण है, देश में कोरोना से संक्रमित लोगों के आंकड़ों में गिरावट का ग्राफ।

डॉ. स्वामीनाथन ने भारत की मेडिकल फैसिलिटी की तरफ भी रोशनी डालते हुए कहा कि भारत में मेडिकल फैसिलिटी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जाए। भारत में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तरों पर इसे ठीक करना ज्यादा बेहतर होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here