महारानी बनीं तब 55 देशों पर था सीधा कंट्रोल, एलिजाबेथ-2 की मौत के समय केवल 14 देश तक सिमटा ब्रिटिश साम्राज्य

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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के बाद ब्रिटिश साम्राज्य फिर से चर्चा में है. दरअसल 70 साल पहले जब एलिजाबेथ ब्रिटेन की महारानी बनीं थीं, तब दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्यों में ब्रिटेन का नाम शुमार था. हालांकि ब्रिटेन की शक्ति का पतन एलिजाबेथ के सामने ही शुरू हुआ और उनके निधन के वक्त लगभग खत्म भी हो गया.

बता दें कि एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में ब्रिटेन की महारानी बनीं थी, उस दौरान ब्रिटिश साम्राज्य 55 देशों तक फैला था. वहीं साल 2022 आते-आते ब्रिटिश साम्राज्य 14 आइलैंड तक सीमित हो गया. वहीं 1920 में ब्रिटेन का 70 देशों और आइलैंड पर शासन था. गौरतलब है कि 19वीं और 20 सदी में ब्रिटिश साम्राज्य दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्य था. 1913-1922 के दौरान दुनिया की करीब 25 प्रतिशत या 45 करोड़ आबादी पर ब्रिटिश साम्राज्य का कब्जा था.

गौरतलब है कि 1952 में एलिजाबेथ-II जब ब्रिटेन की महारानी बनीं तो उस वक्त उनकी उम्र 26 साल थी. हालांकि यह वो दौर था जब ब्रिटेन साम्राज्य का सूरज ढलान की तरफ बढ़ रहा था. फिलहाल इस वक्त भी ब्रिटेन का करीब 55 देशों और आइलैंड पर कब्जा था. इसके बाद ब्रिटिश साम्राज्य का तेजी से पतन हुआ. माना जाता है कि हॉन्ग कॉन्ग को 1997 में चीन को सौंपने के साथ ही ब्रिटिश साम्राज्य का सूरज ढलता गया.

बता दें कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन 96 साल की उम्र में गुरुवार (8 सितंबर 2022) को हुआ. उन्होंने अपने स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल पर अंतिम सांस ली. फॉर्च्‍यून मैगजीन के अनुसार महरानी एलिजाबेथ अपने पीछे करीब 500 मिलियन डॉलर (39.8 अरब रुपयों) से अधिक की संपत्ति छोड़ गईं हैं.

एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स को ब्रिटेन की राजगद्दी मिली है. हालांकि उनके राज्याभिषेक की कोई तारीख तय नहीं है. आने महीनों में उनका राज्याभिषेक शाही अंदाज में होगा.

एलिजाबेथ के निधन पर भारत में भी एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. इसको लेकर गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर भारत सरकार ने फैसला किया है कि 11 सितंबर को देशभर में एक दिवसीय राजकीय शोक होगा.

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