यूपी चुनाव 2022: ‘ओमिक्रॉन’ संकट के बीच तय समय पर होगा चुनाव, आयोग ने कही ये बात!

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कोरोना की संभावित तीसरी लहर और ‘ओमिक्रॉन’ के बढ़ते खतरे के बीच फिलहाल यूपी चुनाव टलने की संभावना नहीं दिख रही है. क्योंकि भारतीय चुनाव आयोग ने एक बार फिर यूपी चुनाव को लेकर संकेत दे दिए है. दरअसल, गुरुवार (30 दिसंबर) को यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ये बात साफ हो गई है कि फिलहाल यूपी चुनाव टालने का कोई इरादा नहीं है.

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है कि सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रदेश के सभी दल इस बात पर सहमत है कि कोरोना प्रोटोकॉल के साथ चुनाव सही समय पर कराए जाएं. मतलब कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ की वजह से शायद चुनाव रद्द ना टाला जाए. हालांकि इस बार चुनाव में वोटिंग एक घंटे और बढ़ा दी गई है यानी सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराएं जाएंगे. फिलहाल चुनाव की तारीखों का ऐलान 5 जनवरी के बाद होगा.

हालांकि इससे पहले कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के खतरे को देखते हुए चुनाव टालने की बात सामने आ रही थी. मगर चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होने के बाद ये साफ हो गया है कि चुनाव अपने तय समय पर ही होगा.

चुनाव आयोग के प्रमुख सुशील चंद्रा ने बताया कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और कोरोना संक्रमितों को घर से वोट की सुविधा भी दी जाएगी. वहीं, पोलिंग बूथ और वोटिंग टाइम को भी बढ़ाया जाएगा.

अगले साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव

अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा शामिल है. इन 5 राज्यों में मार्च में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा. इसके बाद फरवरी में मतदान होंगे. वहीं, राजनीतिक दलों के सुझावों के आधार पर चुनाव आयोग ने कुछ बदलाव जरुर किए हैं.


चुनाव आयोग ने इन सुधारों का किया ऐलान

सुबह 8 से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा.

मतदान से जुड़े सारे कर्मी वैक्सीनेटेड किए जाएंगे.

बुजुर्गों-दिव्यांगों और कोविड संक्रमितों को घर पर वोट डालने की सुविधा.

दूसरे अन्य आईडी कार्ड से भी वोट डालने की सुविधा.

सभी बूथ पर EVM में VVPAT लगाई जाएगी.

400 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे.

हर क्षेत्र में आदर्श पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे.

यूपी मे 800 महिला पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे.

यूपी में पोलिंग बूथ की संख्या को 11 हजार तक बढ़ाया जाएगा.

प्रदेश में कुल 1,74,391 बूथ होंगे.

एक बूथ पर 1,500 से घटाकर 1,200 किया गया है.

राज्य में 4,030 मॉडल पोलिंग बूथ होंगे.


राजनीतिक पार्टियों की तरफ से मिले सुझाव

कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय से चुनाव हों, सभी दलों की तरफ से मांग हुई.

रैलियों की संख्या और रैलियों में संख्या सीमित हो.

दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा बुजुर्ग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा मिले.

इनकी अलग पहचान वाली सूची भी जारी करने की मांग.

रैलियों में नफरती भाषण व रैलियों में हो रही भीड़ पर भी कुछ दलों ने चिंता जताई.

पोलिंग बूथ पर पर्याप्त संख्या में महिला बूथकर्मी की भी मांग की गई है.

महिला मतदाता बढ़ीं

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की तादाद पिछले चुनाव से तीन गुना ज्यादा है. इसमें हजार पुरुष मतदाताओं में 839 महिलाओं का अनुपात अब 868 हो गया है. मतलब 5 लाख महिला मतदाता बढ़ी हैं.

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