टूलकिट मामला: टैक्टर रैली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, दिशा, निकिता, शांतनु ने मिलकर तैयार की थी टूलकिट

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जिस टूल किट के जरिए देश में नफरत और हिंसा फैलाने की पटकथा लिखी गई. उसी टूलकिट के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया है कि इस टूलकिट को निकिता जैकब ने शांतनु और क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि के साथ मिलकर तैयार किया था. इस गूगल डॉक्युमेंट को शांतनु की ओर से बनाई गई ईमेल आईडी के जरिए तैयार किया गया था. इन सभी ने मिलकर इसे तैयार किया था. 11 फरवरी को दिल्ली पुलिस की टीम ने निकिता जैकब के मुंबई स्थित घर की तलाशी ली थी.


इसके बाद यह जानकारी सामने आई है. जैकब के सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई थी. फिलहाल निकिता जैकब गायब चल रही हैं और गिरफ्तारी पर रोक के लिए उन्होंने शीर्ष अदालत का रुख किया है. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के जॉइंट कमिश्र प्रेमनाथ ने बताया कि टूलकिट के तमाम स्क्रीनशॉट्स ओपन सोर्स पर उपलब्ध थे. उनके
आधार पर ही जांच को आगे बढ़ाया गया तो यह बात सामने आई है.


दिल्ली पुलिस ने बताया है कि दिशा रवि ने उस वॉट्सऐप ग्रुप को डिलीट कर दिया है, जिसे उन्होंने टूलकिट तैयार करने के लिए बनाया था. दिल्ली पुलिस ने बताया, 'टूल किट के कई स्क्रीनशॉट्स के आधार पर जांच शुरू की गई थी. हमने जब काफी जानकारियां हासिल कर लीं तो फिर हमने निकिता जैकब के खिलाफ कोर्ट से 9 फरवरी को वारंट हासिल किया.' यही नहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि निकिता जैकब का संपर्क खालिस्तान समर्थक नेता मो धालीवाल से भी हुआ था. यही नहीं 26 जनवरी से ठीक पहले जूम पर एक मीटिंग भी हुई थी, जिसमें ट्विटर पर किसान आंदोलन से जुड़े भड़काऊ हैशटैग्स को ट्रेंड कराने की रणनीति पर बात हुई थी.


पुलिस ने बताया है कि उसने गूगल से भी इस मामले को लेकर कई सवाल पूछे थे, जिस पर सर्च इंजन ने जवाब दिए हैं. पुलिस ने बताया है कि मो धालीवाल से जुड़ी एक पुनीत नाम की महिला ने इनसे संपर्क साधा था. यह महिला मो धालीवाल के संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का भी हिस्सा है. उससे बातचीत के बाद ही 11 जनवरी को एक जूम मीटिंग हुई थी और उसमें शांतनु और निकिता ने हिस्सा लिया था.

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