टोक्यो ओलंपिक पर लगा कोरोना ग्रहण, जापान में 20 जून तक बढ़ा आपातकाल, बगैर दर्शकों के आयोजन होगा गेम!

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Tokyo Olympics

कोरोना महामारी के चलते करीब ढेड़ साल से दुनिया भर के तमाम खेल प्रभावित हुए है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते हाल ही में हिंदुस्तान चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को बीते 4 मई को स्थागित किया जा चुका है. अब इसका असर दुनिया के सबसे बड़े गेम ओलंपिक पर दिखने लगा है. दरअसल, जापान में आयोजित होने वाले ओलंपिक गेम शुरु होने से पहले ही कोरोना ग्रहण लग गया है. एक साल से स्थगित ओलंपिक खेलों के शुरु होने में महज 50 दिन का समय ही बचा है, लेकिन उससे पहले ही कोरोना के बढ़ते मामले और मेजबानी पर खतरा मंडराता देखकर जापान सरकार ने टोक्यो में आपातकाल को 3 हफ्तों के लिए और बढ़ा दिया है. जिसके चलते 20 जून तक टोक्यो और उसके आस-पास के इलाकों में सख्ती रहेगी. बता दें, इस बार जापान के टोक्यो शहर को ओलंपिक खेलों की मेजबानी करनी है.

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जापान प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि ओसाका में मामलों की संख्या ज्यादा ही है और वहां चिकित्सीय प्रणाली पर अब भी अतिरिक्त भार बना हुआ है. जापान की राजधानी टोक्यो और 8 अन्य शहरों में मौजूदा आपात स्थिति अगले सोमवार तक खत्म होनी थी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अस्पतालों में अब भी काफी कोविड-19 संक्रमित मरीज आ रहे हैं और हाल में गंभीर मामलों की संख्या भी काफी रही थी.

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होकाइडो से फुकुओका तक 9 क्षेत्रों में आपातकाल 20 दिन तक बढ़ा दिया गया है. ओकिनावा में पहले ही 20 जून तक आपात स्थिति जारी रहेगी. ओलंपिक आयोजकों को इस तारीख तक फैसला करना होगा कि वे किसी भी दर्शक को अनुमति देंगे या नहीं क्योंकि विदेशी दर्शकों को महीनों पहले प्रतिबंधित कर दिया गया था.

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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जापान के एथलीटों के टीकाकरण की प्राथमिकता की योजना के भी तभी शुरू होने की उम्मीद है. महामारी के कारण एक साल तक स्थगित किए गए ओलंपिक खेलों को 23 जुलाई से शुरू होना है और उसे नए वैरिएंट की चिंता है, जबकि जापान में धीमे टीकाकरण अभियान से जनता, चिकित्सीय विशेषज्ञ और यहां तक कि एक प्रायोजक ने खेलों को रद्द करने की बात कही.

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विशेषज्ञों ने चेताया है कि यह वैरिएंट ज्यादा लोगों को संक्रमण की चपेट में ले रहा है और उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर रहा है जिससे अस्पताल भरे हुए हैं. नौकरशाही और योजना में गलती और खामियों के कारण जापान टीकाकरण अभियान में पिछड़ रहा है. केवल 2.3 प्रतिशत जनसंख्या का ही पूर्ण रूप से टीकाकरण किया गया है और उम्रदराज वयस्कों के टीकाकरण का मौजूदा चरण भी खेलों के शुरू होने से पहले समाप्त नहीं होगा.

फिर भी सुगा और उनकी सरकार ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर प्रतिबद्ध है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी कहा कि खेलों का आयोजन किया जाएगा, भले ही मेजबान शहर टोक्यो में आपातकाल लगा हो.

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