कोरोना वैक्सीन लगवाने से हो सकता है खतरा, ये संकेत आते हैं नजर, सरकार ने किया सतर्क

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Corona vaccine

एक तरफ जहां वैक्सीन जीवनदायी साबित हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन से ब्लड क्लॉट के साइड इफेक्ट का असर भारत की कोविशील्ड वैक्सीन पर भी पड़ा है। भारत में वैक्सीन के साइड इफेक्ट से लोग काफी घबराए हुए हैं। इसी बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हेल्थ केयर वर्कर्स और वैक्सीन लेने वालों के लिए इससे होने वाले साइड इफेक्ट को लेकर एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि वैक्सीनेशन के 20 दिन के भीतर थ्रॉम्बोसिस यानी ब्लड क्लॉट्स के लक्षणों को पहचानें और अगर कोई गंभीर लक्षण नजर आता है तो उसे वैक्सीन सेंटर पर जाकर दर्ज कराएं।

सरकार की तरफ से लोगों को सलाह दी गई है कि कोई भी वैक्सीन लेने के बाद तेज सिरदर्द, छाती में दर्द, शरीर में सूजन, उल्टी के बिना पेट में दर्द, दौरे या सांस लेने में तकलीफ इस तरह का कोई गंभीर लक्षण दिखाई दे तो नजरअंदाज न करें। इसके अलावा शरीर के किसी हिस्से पर लाल रंग के धब्बे नजर आ रहे हैं तो भी वैक्सीनेशन सेंटर पर रिपोर्टिंग करना जरुरी है।

ता दें कि भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की प्रति 10 लाख डोज पर डीप वेन थ्रॉम्बोसिस या ब्लड क्लॉट्स के सिर्फ 0.61 फीसी मामले ही देखे गए हैं। ब्रिटेन के मुकाबले भारत में वैक्सीन से साइड इफेक्ट बहुत कम देखे गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी देशों की तुलना में दक्षिण एशियाई लोगों में वैक्सीनेशन के बाद थ्रोम्बोसिस बनने की संभावना कम हो सकती है।

बता दें कि कोविशील्ड चिम्पैंजी एडेनोवायरस वेक्टर पर आधारित वैक्सीन है। ये वैक्सीन शरीर में इम्यून रिस्पॉन्स बनाती है जो स्पाइक प्रोटीन पर काम करता है। दावा है कि ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी जेनरेट करने का काम करती है। कोविशील्ड का एफिकेसी रेट 70 प्रतिशत है, ये न सिर्फ सिम्पटोमैटिक इंफेक्शन में राहत दे सकती है बल्कि तेजी से रिकवरी भी कर सकती है।

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