कोरोना के खिलाफ जंग में उतरी इंडियन आर्मी, एक साथ कर रही कई ऑपरेशन्स पर काम

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कोरोना की दूसरी लहर का देश में सबसे अधिक प्रकोप है. रोजोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. वहीं संक्रमण की चपेट में आने से मरने वालों का भी आंकड़ा देश में कम नहीं है. संक्रमित मरीजों की संख्या इतनी अधिक अस्पतालों में पहुंच रही है कि बेड और ऑक्सीजन कम पड़ने लगे हैं. वहीं समय से ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण कई संक्रमित मरीजों की मौत भी हो गई. ऐसे में भारतीय सेना के तीनों अंगों ने मोर्चा संभाला और कोरोना की जंग में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं.

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सेना ने तैयार किया कोविड मैनेजमेंट सेल

सेना ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर बताया कि कोरोना के खिलाफ दिल्ली के साउथ ब्लॉक में कोविड मैनेजमेंट सेल तैयार किया गया है. इसका कार्य कोरोना से जुड़े स्टाफ को सहयोग देना आदि है. कोरोना से जंग में राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए सेना डॉक्टर्स और पैरा-मेडिकल स्टाफ पटना, वाराणसी, भोपाल, दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद सहित कई शहरों में तैनात हैं. सेना के बयान के अनुसार डायरेक्टर जनरल रैंक के लेफ्टिनेंट जनरल को सेल का प्रमुख बनाया गया है. वह सह-सेना प्रमुख को रिपोर्ट करेंगे.

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सेना पंजाब और हरियाणा में बना रही है अस्पताल

सेना के की पश्चिमी कमान की ओर से पंजाब और हरियाणा में कोविड अस्पताल बनाया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेना के अस्पताल चंडीगढ़, पटियाला और फरीदाबाद में बनाए गए हैं. इन अस्पतालों में कोरोना के कम लक्षण वाले करीब 100 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है. वहीं सेना पंजाब में बंद पड़े ऑक्सीजन संयंत्रों को दोबारा शुरू करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीकी सहायता मुहैया करा रही है.

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विदेशों से मेडिकल मदद लाने में सेना की अहम भूमिका

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और सिंगापुर सहित कई देशों में मिले मेडिकल मदद को भी लाने में भी सेना ने अहम भूमिका निभाई है. साथ ही देश के अन्य राज्यों में भी ऑक्सीजन के कंटेनर को पहुंचाने में सेना ने स्थानीय प्रशासन की मदद की है.

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रिटायर्ड डॉक्टरों की भर्ती कर रही सेना

कोरोना के खिलाफ जंग में अहम निर्णय लेते हुए रिटायर्ड डॉक्टरों की भर्ती करने का फैसला किया है. इन डॉक्टरों की नियुक्ति 11 महीने के लिए की जाएगी. सेना के कमांड मुख्यालयों, कोर मुख्यालयों और डिवीजन मुख्यालयों में तैनात मेडिकल स्टाफ को भी सिविल अस्पतालों में तैनात किया जा रहा है. सेना का नर्सिंग स्टाफ पहले ही बड़ी तादाद में सिविल अस्पतालों में तैनात किया जा चुका है. सेना अपने अलग-अलग बेसों में रखा गया ऑक्सीजन का स्टाक आम लोगों के लिए ला रही है.

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बंद पड़े ऑक्सीजन के प्लांटों के सही कर रही सेना

बंद पड़े ऑक्सीजन के प्लांटो को भी सेना के जवान सही कर रहे हैं. यूपी के मेरठ जिलों में सालों से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को सेना ने सही किया. अब वहां पर सेना एंबुलेंस सहित सभी जरूरी मेडिकल उपकरणों को भी अपने वर्कशाप में लगाकर सही कर रही है. सेना ने इसके लिए कई टीमों का भी गठन किया है.वह अगल- अगल क्षेत्रों में यह काम कर रही है.

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