आस्था के महाकुंभ में कोरोना का ग्रहण, वक्त से पहले निरंजनी अखाड़े ने कुंभ समाप्ति का किया ऐलान

0
23

धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था के सबसे बड़े महाकुंभ पर कोरोना का ग्रहण लग चुका है. प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद यहां पर कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी दौरान कई साधु-संतों ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुंभ समाप्ति का ऐलान कर दिया है.

दरअसल, कोरोना की भयावहता को देखते हुए निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने कहा, ‘कोरोना वी वजह से बिगड़ते हालात को देखते हुए कुंभ मेला हमारे लिए खत्म हुआ. मुख्य शाही स्नान संपन्न हो गया है और अखाड़ों में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखे हैं.’

बता दें, कुंभ मेले को 14 दिन बीत चुके हैं और इस दौरान 2,500 से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं. एक आंकड़े के मुताबिक, 1 फरवरी से 31 मार्च तक कोरोना संक्रमण के मामलों में हरिद्वार में औसतन 10 से 20 मामले सामने आ रहे थे लेकिन 1 अप्रैल से इन मामलों का आंकड़ा प्रतिदिन 500 के पार पहुंच चुका है सैकड़ों साधु-संत भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.

वहीं कुंभ मेला आईजी सजंय गुंज्याल ने बताया कि अगर बॉर्डर्स की बात की जाए तो एसओपी के अनुसार पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता से चेकिंग अभियान चलाया. अगर बॉर्डर पर टेस्टिंग की बात की जाए तो 1 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक 1,54,466 टेस्ट किए गए थे, जिसमें से 222 लोग पॉजिटिव आए. साथ ही जो लोग टेस्टिंग नहीं करवाना चाह रहे थे और साथ ही आरटीपीसीआर कि रिपोर्ट भी नहीं लाए ऐसे 9,786 वाहन और 56,616 लोगों को वापस भेजा गया है.

उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शम्भू झा ने बताया कि अप्रैल में कोरोना के मामलों में मार्च की तुलना में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 1 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल तक तकरीबन 2,500 मामले आए हैं. मार्च में एवरेज 10 से 20 केस थे. निरंजनी अखाड़े के कुंभ समाप्ति के ऐलान के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना के मसले पर शुक्रवार को हाईलेवल मीटिंग बुलाई है. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में कुंभ मेला को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है.

बता दें, कुंभ में कोरोना भयावह होता जा रहा है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के अलावा 50 अन्य संत बीते दिनों कोरोना से संक्रमित पाए गए थे. वहीं, कोरोना से ही एक महामंडलेश्वर की मौत भी हो गई. नरेंद्र गिरी भी ऋषिकेश एम्स में भर्ती हैं. गुरुवार को जूना अखाड़े के 200 संतों के सैंपल लिए गए हैं. जल्दी ही इनकी कोरोना रिपोर्ट सामने आएगी. इससे पहले ही निरंजनी अखाड़े ने अपने शिविर के कई संतों में कोरोना के लक्षण दिखने के बाद गुरुवार को ही कुंभ समाप्ति की घोषणा कर दी.

वहीं अखाड़े अखाड़ा ने भी कुंभ समाप्ति का ऐलान कर दिया है आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी ने कहा कि 17 अप्रैल को मेले का समापन कर सभी संत अपने अखाड़े में वापस चले जाएंगे. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी अखाड़ों की घोषणा का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह परिषद का निर्णय नहीं है. परिषद कुंभ में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से नियमों का पालन करने की अपील करती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here