पाक सेना के इशारे पर घुसपैठ कर रहे फिदायीन आतंकी का कूबलनामा, भारत में आर्मी पोस्ट को उड़ाने की थी तैयारी

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आतंक के खिलाफ लड़ाई का ढोंग करने वाले पाकिस्तान की एक और करतूत उजागर हुई है. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर के लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) से पकड़े गए फिदायीन आतंकी ने पाकिस्तान की काली करतूतों का पर्दाफाश किया है.

दरअसल, तबारक हुसैन नाम के पकड़े गए फिदायीन आतंकी ने कबूल किया है कि उसे पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने जवानों पर हमला करने के लिए भेजा था और इसके लिए उसे 30 हजार रुपए का लालच दिया गया था, उसने यह भी बताया कि वह अकेला नहीं आया था बल्कि उसके साथ चार-पांच लोग थे और वे बड़े हमले की साजिश कर रहे थे. आतंकी ने कहा कि उसने सेना की पोस्ट पर फिदायीन हमले की पूरी तैयारी कर ली थी.

बता दें, 21 अगस्त को नौशेरा सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश में आतंकी तबारक हुसैन पकड़ा गया था. अलर्ट सुरक्षाबलों ने निगाह उसपर पड़ी, तो उन्होंने गोली मार दी. घायल होने के बाद तबारक को अस्पताल में भर्ती कराया गया. होश आने के बाद अस्पताल में उसने बड़ी बातें बताई हैं. तबारक ने बताया कि ISI के कर्नल चौधरी युनुस ने उसे LOC पर सेना की पोस्ट की रेकी करने का काम दिया था, उसे इस काम के लिए 30 हजार रुपए दिए गए थे. इसके बाद 21 अगस्त को उसे एक पोस्ट पर फिदायीन हमला करना था लेकिन घुसपैठ से पहले ही उसे पकड़ लिया गया.

आतंकी ने बताया कि उन्हें चार-पांच बंदूके भी दी गई थी, उसने बताया कि गोली लगने के बाद उसने अपने साथियों को मदद के लिए बुलाया था लेकिन कोई आया नहीं था. उसने स्पष्ट बताया कि उसे सैनिकों पर फिदायीन हमला करने का आदेश दिया गया था.

बता दें, तबारक हुसैन और उसका भाई पहले भी घुसपैठ कर चुके हैं और सजा भी काट चुके हैं. पहले भी ISI ने तबारक हुसैन और उसके भाई अली को 2016 में LOC पर IED लगाने भेजा था. तब तबारक और उसका भाई पकड़ा गया था. बाद में तबारक को पाकिस्तान को सौंप दिया गया था.

ताबरक हुसैन ISI के लिए काम करता है. इसके अलावा वह लश्कर से जुड़ा हुआ है. उसे ISI ने ट्रेनिंग दी थी और यह भी सिखाया था कि पकड़े जाने पर क्या बोलना है. बताया जा रहा है कि उसे LOC पर हीभींबर में लश्कर के कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी.

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