जम्मू-कश्मीर में Targeted Attack!, शोपियां में आतंकियों ने दो भाईयों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा घायल

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में एक बार फिर से आतंकियों ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. यहां पर आतंकियों ने दो सगे भाईयों पर गोलीबारी की है. इसमें एक भाई की मौत हो गई है जबकि दूसरा घायल है. जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.. वहीं, सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है.

मिली जानकारी के मुताबिक, शोपियां जिले के छोटेपोरा इलाके में सेब के बगान में काम कर रहे दो सगे भाईयों पर आतंकियों ने गोलीबारी की. इस गोलीकांड में एक भाई की मौत हो गई. मरने वाले की पहचान सुनील कुमार भट्ट के रूप में हुई है, उसकी चार बेटियां है. वहीं, उसका भाई परतिंबर नाथ उर्फ पिंटू कुमार गंभीर रूप हो गया. जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

बताया जा रहा है कि आतंकियों ने पहले उनसे नाम पूछा और फिर उन पर ताबातोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी. टारगेट किलिंग में कश्मीरी पंडित सुनील कुमार भट्ट की मौत हो गई. वहीं, इस घटना को लेकर भाजपा नेता निर्मल सिंह ने कहा कि कश्मीर में एक बार फिर से आतंकियों ने कायराना हरकत की है. सुनील कुमार अपना काम कर रहा था, लेकिन आतंकियों ने ये हरकत की. लेकिन आतंकवादी कितनी भी कोशिश कर लें, वह अपने मंसूबों में कभी भी कामयाब नहीं होंगे.

इधर, फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि आज भी कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार जारी है. वे अपने लोगों को भी मार रहे हैं. वे भारत के साथ खड़े होने वाले सभी लोगों को मार रहे हैं. यह पिछले 30 सालों से हो रहा है. आप जितनी इसकी निंदा करेंगे, उतना ही कम होगा. हमें इस मानसिकता को बदलना होगा.

वहीं, शोपियां में टारगेट किलिंग को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कश्मीर में मोदी सरकार पूरी तरह फैल साबित हुई है. 370 ये कहकर हटाया गया कि सारे पंडितों को फायदा होगा, कश्मीर में अमन हो जाएगा. आपकी सरकार उनको सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम साबित हुई है और कश्मीरी पंडित अब कश्मीर छोड़कर जाना चाहते हैं.

वहीं, इस मामले में जम्मू-कश्मीर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जिम्मेदार आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा, साथ ही उन्होंने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, उन्होंने कहा कि आतंकयों को चुन-चुनकर ढेर किया जाएगा.

बता दें, खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, टारगेटेड किलिंग पाकिस्तान की कश्मीर में अशांति फैलाने की नई योजना है. माना जा रहा है कि इसका मकसद, धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की योजनाओं पर पानी फेरना है. धारा 370 हटने के बाद से ही कश्मीर में टारगेटेड किलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें खासतौर पर आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों, प्रवासी कामगारों और यहां तक कि सरकार या पुलिस में काम करने वाले उन स्थानीय मुस्लिमों को भी सॉफ्ट टागरेट बनाया है, जिन्हें वे भारत का करीबी मानते हैं.


मई-अगस्त तक कब-कब हुई घाटी में टारगेट किलिंग!

1.4 अगस्त 2022 को पुलवामा में बिहार के प्रवासी मजदूर की हत्या की गई.

2.2 जून को बडगाम में 17 साल के प्रवासी मजदूर की हत्या कर दी गई.

3.2 जून को राजस्थान के बैंक मैनेजर को आतंकियों ने भून दिया गया.

4.31 मई को कुलगाम में टीचर रजनी बाला की हत्या कर दी गई.

5.25 मई को टीवी कलाकार अमरीन भट्ट की बडगाम में हत्या कर दी गई.

6.24 मई को एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई. उनकी 7 साल की बेटी भी घायल हो गई थी.

7.17 मई को बारामूला में 52 साल के कारोबारी की हत्या कर दी गई.

8.12 मई को कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी गई.

9.12 मई को ही एक पुलिसकर्मी रियाज की हत्या की गई.

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