तेलंगानाः हिंदूस्तान की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी को एंट्री पर बैन, गरमाई सियासत

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हिंदुस्तान की सबसे पुरानी तेलंगाना की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के ‘गैर राजनीति’ कार्यक्रम की इजाजत नहीं मिलने से सियासत गरमा गई है. हालांकि, यूनिवर्सिटी की ओर से अभी इस पर कोई अधिकारिक रूप से कुछ कहा नहीं गया है, लेकिन कथित तौर पर इस फैसले ने तेलंगाना में नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है.

दरअसल, 7 मई को राहुल गांधी का उस्मानिया यूनिवर्सिटी में ‘गैर राजनीति’ कार्यक्रम का प्लान था, लेकिन यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने शनिवार को कथित रूप से उनके इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी है. इससे तेलंगाना की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने तेलंगाना राष्ट्र समिती (TRS) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधा है. तेलंगाना के मेडक जिले के संगारेड्डी विधानसभा से कांग्रेस विधायक जय प्रकाश रेड्डी उर्फ जग्गा रेड्डी ने राज्य सरकार पर राहुल गांधी की उस्मानिया दौरे को रोकने के लिए उस्मानिया यूनिवर्सिटी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, उन्होंने कहा, उस्मानिया यूनिवर्सिटी हमेशा तेलंगाना आंदोलन सहित छात्र आंदोलनों के लिए जाना जाता है. हमने स्पष्ट किया कि हमारे नेता राहुल गांधी के दौरी ‘गैर राजनीति’ है लेकिन उन्होंने इसकी अनुमति नहीं देने का मन बना लिया है.

वहीं, कुछ छात्रों ने राहुल के दौरे के लिए यूनिवर्सिटी को आदेश देने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है. कांग्रेस नेताओं ने रविवार को कहा कि उन्होंने 23 अप्रैल को कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी और बताया गया था कि आयोजन 'गैर-राजनीतिक' होगा, फिर भी राहुल गांधी के कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि साल 2017 से कार्यकारी परिषद ने प्रस्ताव अपनाया था, जिसमें सियासी बैठकों समेत गैर-शैक्षणिक गतिविधियोंकी कैंपस में रोक लगा दी थी. अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रस्ताव जून 2017 में अपनाया गया था, उन्होंने बताया कि इसके एक साल पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यूनिवर्सिटी कैंपस में राजनीतिक और सार्वजनिक बैठकों की अनुमति नहीं देने के आदेश दिए थे. दरअसल, उस दौरान राजनीतिक गतिविधियों को लेकर लगातार हो रही परेशानी के चलते याचिका दायर की थी.

विश्वविद्यालय की तरफ से लिए गए इस कथित फैसले ने कैंपस में विरोध खड़ा कर दिया है. यूथ कांग्रेस के कई नेताओं और समर्थकों ने शनिवार को उस्मानिया यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज में प्रदर्शन किया है. वहीं, इसके जवाब में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और टीआरएस से जुड़े छात्र संगठनों ने जवाबी प्रदर्शन किया.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना निरुद्योग विध्यार्थी जॉइंट एक्शन कमेटी के मानवता रॉय ने कहा कि प्रशासन ने फैसले की जानकारी लिखित में नहीं दी है, उन्होंने कहा, ‘हम प्रशासन की तरफ से सोमवार को कुछ कहे जाने की उम्मीद कर रहे हैं.’

बता दें, उस्मानिया यूनिवर्सिटी हिंदुस्तान की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है और यहां पर कई दशकों से छात्र राजनीति का समृद्ध इतिहास रहा है.

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