IRCTC घोटाला मामले में CBI जांच पर तेजस्वी यादव बोले- भाजपा को असली डर 2024 का है!

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बिहार राज्य में नीतीश कुमार की अगुवाई में बनीं महागठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम की मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CBI) ने IRCTC घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जमानत रद्द करने के लिए दिल्ली की एक कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दरअसल, IRCTC घोटाला की जांच कर रही CBI ने शनिवार को दिल्ली की एक कोर्ट में जमानत रद्द करने की मांग की है. इधर, CBI के इस एक्शन पर तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है, उन्होंने कहा कि केस में उनकी जमानत रद्द करने की CBI की अपील के संबंध में वो अदालत में जवाब देंगे. RJD नेता ने आगे कहा कि भाजपा को डर है कि बिहार में अभी जैसा सियासी घटनाक्रम हुआ. 2024 में उसे दोहराया जा सकता है. इसलिए CBI का डर दिखाकर खौफ पैदा करना चाहती है.

तेजस्वी यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार सरकार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिशें भी भाजपा पर दबाव बढ़ा रहे हैं. तेजस्वी यादव का यब बयान CBI के ताजा एक्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सामने आया है, उन्होंने कहा कि CBI की अर्जी पर वो कोर्ट में ही जवाब देंगे. CBI ने IRCTC घोटाला केस में अपने अधिकारियों को कथित रूप से धमकाने के आरोप में तेजस्वी को मिली जमानत रद्द करने के लिए दिल्ली की विशेष अदालत का रुख किया है. इस याचिका पर कोर्ट ने तेजस्वी यादव से जवाब मांगा है.

बता दें, तेजस्वी यादव ने CBI की अपील पर सोमवार टिप्पणी की, उन्होंने कहा, ‘मैंने कई बार CBI और ED को अपने घर पर ही ऑफिस खोलने के लिए आमंत्रित किया है. बावजूद इसके कि वो हर बार छापेमारी के लिए आएं. क्या किसी ने जांच एजेंसियों का इस हद तक सहयोग किया है?’ तेजस्वी ने आगे कहा, ‘एक बात समझ लें कि भाजपा 2024 से डर रहे हैं. वे डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें पता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लाखों सरकारी नौकरियां बिहार में दी जाएंगी. हम अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने जा रहे हैं.

तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के आठ साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन एक साल में उनका 2 करोड़ नौकरी का वादा अधूरा रह गया है. तेजस्वी ने बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने CBI की सराहना करते हुए उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी. तेजस्वी ने कहा, ‘मुझे इन लोगों पर कुछ नहीं कहना है, उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बीच इंटरनल कंपटीशन है कि महागठबंधन के खिलाफ कौन ज्यादा बोलता है.

हालांकि पूरे मामले में पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी ने CBI अधिकारियों को खुलेआम धमकाया है. भाजपा नेता ने कहा कि CBI अधिकारियों के माता-पिता और बच्चों से बदला लेने की बातें की जा रही हैं. CBI अधिकारियों को सरकार बदलने या रिटायरमेंट के बाद परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है.

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