PMO में बैठे गोडसे के कुछ भक्तों द्वारा मुझे साजिश के तहत खत्म करने की कोशिश, मगर जिग्नेश झुकेगा नहीं!

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असम की महिला पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर मारपीट मामले गिरफ्तार हुए गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को शुक्रवार को बारपेटा जिले की अदालत ने जमानत दे दी थी. जेल से रिहा के बाद जिग्नेश मेवानी ने सोमवार को कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि मेरी गिरफ्तारी के पीछे PMO में बैठे गोजसे भक्तों का हाथ है. साउथ की सुपरहिट फिल्म पुष्पा के डायलॉग की तर्ज पर कहा कि वो ऐसे दवाबों के आगे झुकेंगे नहीं. क्योंकि वो फूल नहीं आग है.

जिग्नेश मेवानी ने कहा कि गुजरात में पिछले 8-10 सालों के दौरान 2-4 नहीं, बल्कि 22 एग्जाम के पेपर लीक हुए, उसमें कोई इनवेस्टिगेशन नहीं, कोई जांच नहीं, कोई गिरफ्तारियां नहीं. एक-दो नहीं, 22 एग्जाम के पेपर लीक हुए हैं. गुजरात में मुंद्रा के पोर्ट पर 1.75 लाख करोड़ का ड्रग्स पाया गया, लेकिन गौतम अडानी को जांच के लिए नहीं बुलाया गया.

वहीं, एक दलित महिला भाजपा विधायक पर लगातार बलात्कार का आरोप लगाती रही, मगर गुजरात की विधानसभा में भी इस मामले को नहीं उठाया गया. उस मामले पर भी कोई इनवेस्टिगेशन नहीं, कोई जांच नहीं, कोई FIR नहीं हुई. लेकिन मेरे केवल एक ट्वीट करने पर PMO में बैठे गोडसे के भक्तों ने इतने संगीन दो FIR मुझ पर कर दिए.

बता दें, गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को असम पुलिस ने 20 अप्रैल को गुजरात के बनासकांठा जिले से गिरफ्तार किया था, उन्हें एक कथित ट्वीट पर कोकराझार जिले में एक भाजपा नेता द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद अगली सुबह गुवाहाटी ले जाया गया था. जिसके बाद 25 अप्रैल को मेवानी को कोकराझार की एक अदालत ने जमानत दे दी थी, लेकिन एक महिला पुलिस अधिकारी की शिकायत के आधार पर बारपेटा जिले में दायर एक नए मामले में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया. महिला पुलिसकर्मी ने उन पर मारपीट का आरोप लगाया था.

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