तो इसलिए उत्तराखंड दौरा बीच में छोड़कर त्रिपुरा गए भाजपा महामंत्री विनोद तावड़े

0
54

उत्तराखंड में चंपावत दौरे पर आए भाजपा महामंत्री विनोद तावड़े ने दौरा बीच में ही छोड़ दिया, वजह थी त्रिपुरा संकट को संभालने की आई जिम्मेदारी. विनोद तावड़े को त्रिपुरा सीएम चयन का पर्यवेक्षक बनाया गया है.

उत्तराखंड में चम्पावत में कार्यकर्ताओं में जान फूंकने में जुटे भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री विनोद तावड़े को पहुंचे अभी दो दिन भी नहीं हुए थे कि अचानक बैठक के बीच एक फोन और उसके साथ ही उन्होंने दौरा बीच में ही समेट कर दिल्ली का रुख किया, दिल्ली पहुंचते ही त्रिपुरा की फ्लाईट ली और वहां पहुंचते ही संकटग्रस्त सरकार को बचाने में कामयाबी की मिसाल ठोंक दी.

विनोद तावड़े को त्रिपुरा में बिप्लव देव को लेकर लगातार हो रहे विरोध की मैनेजमेंट सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी और इसकी एक वजह ये भी थी कि विनोद तावड़े को सरल और शांत स्वभाव वाले नेता के तौर पर जाना जाता है. त्रिपुरा चुनावों में भी उन्होंने मेहनत की थी और बिप्लव देव से भी संबंध अच्छे ही थे, लिहाजा बिप्लव देव को समझाबुझाकर आलाकमान के आदेश के मुताबिक इस्तीफा दिलवाया गया.

महाराष्ट्र के नेता हैं विनोद तावडे, 4 दशकों से राजनीतिक धुरंधर

भाजपा महामंत्री विनोद तावडे महाराष्ट्र के नेता हैं, महाराष्ट्र में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में इनकी अहम भूमिका मानी जाती है. पिछले नवंबर में ही विनोद तावडे को महाराष्ट्र से केंद्रीय नेतृत्व में शामिल किया गया था. भाजपा के महामंत्री होने के साथ ही उन्हें हरियाणा भाजपा का प्रदेश प्रभारी भी बनाया गया है. कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि विनोद तावडे को बिहार और राजस्थान में भी अहम भूमिका मिल सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here