वैज्ञानिकों का नया आविष्कार: 25 दिन के भ्रूण की तरह धड़कता हुआ मिनी हार्ट

0
59
Scientists' new invention

वैज्ञानिकों ने एक ओर कामयाबी हासिल कर ली है। पहली बार लैब में एक कृत्रिम ‘मिनी हार्ट’ विकसित किया है। यह मिनी हार्ट मानव स्टेम सेल की मदद से बनाया गया है, जिसका आकार तिल के बीज के सामान है। करीबन 2 मिलीमीटर का यह कृत्रिम दिल 25 दिन के इंसानी भ्रूण में धड़कने वाले हृदय की नकल करता है। इस तरह के दिल को बनाने के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि वे दिल से जुड़ी कई बीमारियों के रहस्य को जान सकेंगे। यहां तक कि दिल का दौरा पड़ने के बाद शिशुओं के दिल क्यों नहीं झुलसते, इसका भी पता चल जाएगा। ऑस्ट्रिया साइंस एकेडमी के वैज्ञानिकों की टीम ने इसे बनाया है।

वैज्ञानिकों की टीम इस बात पर काफी समय से शौध कर रही थी कि भ्रूण में दिल की बीमारी कैसे होती है। भ्रूण में जन्म से ही हृदय दोष सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। प्रसिद्ध बायो इंजीनियर जेन मा कहते हैं कि दिल की जन्मजात बीमारी और इंसानों के दिल के कई राज खोलने में यह तकनीक कारगर साबित होगी।

वैज्ञानिकों ने पिछले 10 सालों में दिमाग, लिवर जैसे कई अंग लैब में विकसित किए गए हैं, लेकिन यह सबसे सटीक है। धड़कते हुए इंसानी दिल को जिस तरह ऑर्गेनाइड किया गया है, वह बिल्कुल असल जैसा ही है। वैज्ञानिकों को इस मिनी हार्ट को लैब में बनाने के लिए 12 साल का लंबा समय लगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here