गहलोत के ‘डबल रोल’ पर राहुल के ‘One Man One Post बन सकता है राह का रोड़ा!

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देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई है. आने वाली 17 अक्टूबर को मतदान होगा और 19 अक्टूबर का नतीजे घोषित किए जाएंगे. चुनाव में नामांकन भरने की प्रक्रिया 24 से 30 सिंतबर तक चलेगी. 8 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम चल रहा है, लेकिन अशोक गहलोत का मुख्यमंत्री पद से मोह अभी छूटा नहीं है और वह चाहते हैं कि कांग्रेस की कमान संभालने के साथ ही राजस्थान की कुर्सी पर भी बैठे रहे, लेकिन यह संभव नहीं हो पा रहा है. इसे आप राहुल गांधी के इस बयान से भी समझ सकते है.

दरअसल, राहुल गांधी ने ‘वन मेन वन पोस्ट’ के सिंद्धातों की याद दिलाकर अशोक गहलोत के मसूंबों पर पानी फेर दिया है. राहुल गांधी साफ तौर पर कह दिया है कि यदि वह अध्यक्ष बनते हैं तो राजस्थान की कुर्सी खाली करनी होगी. राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के लिए सचिन पायलट का रास्ता खुल सकता है.

बता दें, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कोच्चि में की गई राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया गया है. राहुल के इस बयान को अशोक गहलोत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान के उदयपुर में इसी साल चिंतन शिविर के दौरान लिए गए फैसलों, जिसमें ‘वन मेन वन पोस्ट’ शामिल है, को मानने की उम्मीद की जाती है. राहुल ने कहा, ‘हमने उदयपुर में जो फैसला किया, हम आशा करते हैं कि उस प्रतिबद्धता को कायम रखा जाएगा.’ राहुल से पूछा गया था कि क्या वह उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए फैसले पर कायम हैं.

गौरतलब है कि अशोक गहलोत ने खुलकर अपनी इच्छा जाहिर की है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर भी राजस्थान में मुख्यमंत्री के पद पर बने रहना चाहेंगे. दरअसल, अशोक गहलोत ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले कहा कि पार्टी यदि चाहेगी तो वह अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए ना नहीं कहेंगे. यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस अध्यक्ष बन जाने की स्थिति में वह मुख्यमंत्री भी बने रहेंगे तो उन्होंने एक मिसाल देते हुए कहा कि अगर किसी राज्य का मंत्री कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में खड़ा होता है तो वह मंत्री बना रह सकता है और चुनाव भी लड़ सकता है.

इधर, राहुल गांधी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं. ऐसे में अब तक जिन लोगों की दावेदारी सामने आई है, उनमें अशोक गहलोत सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं. राजनीतिक जानकारों की मानें तो शशि थरूर के पर गहलोत भारी पड़ेंगे, जिन्हें अपने गृहराज्य से भी समर्थन नहीं मिल रहा है. गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना की वजह से राजस्थान में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं. ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या अब सचिन पायलट को सब्र का इनाम मिलेगा? पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, जिसके लिए खुद राहुल गांधी ने पिछले दिनों उनकी तारीफ की थी.

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