जुमे की नमाज के बाद देशभर में घमासान, राजधानी दिल्ली से लेकर कोलकाता तक नुपूर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा नेत्री नुपूर शर्मा द्वारा दिए गए विवादित बयान का मामला और बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार (10 मई) को जुमे की नमाज के बाद देशभर में नुपूर शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. दिल्ली की जामा मस्जिद से लेकर कोलकाता, लखनऊ और सहारनपुर तक नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग हो रही है. हालांकि, नुपूर शर्मा के खिलाफ विवादित बयान को लेकर मामला दर्ज हो चुका है और उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है.

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भाजपा नेत्री नुपूर शर्मा के खिलाफ दिल्ली के जामा मस्जिद में भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. यहां पर बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे, जिसमें नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की तस्वीरें लगी हुई हैं. इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर घर भेजने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस बात का पहले ही अंदाजा था कि जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद कुछ हो सकता है. हालांकि इतने बड़े प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी. वहीं, यूपी की राजधानी लखनऊ और सहारनपुर के अलावा देवबंद और प्रयागराज में भी नुपूर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. देवबंद में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना पड़ा है.

बता दें, नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी कर दी थी, जिसे लेकर लगातार बवाल का दौर जारी है. कानपुर में बीते सप्ताह शुक्रवार को इस मसले पर हिंसा तक भड़क गई थी, जिसके बाद पूरे यूपी में मुजफ्फरनगर से काशी तक बेहद सख्ती बरती जा रही है. जुमे के मौके पर आसमान में ड्रोन से निगरानी की जा रही है तो वहीं जमीन पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.

इधर, जामा मस्जिद में जुटे प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए, उन्हें भाजपा से निलंबित करना या फिर बर्खास्त किया जाना ही काफी नहीं है. नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग बाहर निकले और नारेबाजी करने लगे. वहीं, इस प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

बता दें, नुपूर शर्मा का बयान अंतरराष्ट्रीय रूप ले चुका है. ईरान, सऊदी अरब, बहरीन, यूएई, कतर समेत कई इस्लामिक देशों ने इस मसले पर भारत से आपत्ति जाहिर की थी. अब जामा मस्जिद में इस तरह का प्रदर्शन होना अहम है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है और यहां आंदोलन होना बड़ा संदेश है.

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