खुद के बिछाए जाल में फंस गया पाकिस्तान, एलबैक के भड़काए दंगों से जल उठा लाहौर

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Pakistan Riots

आतंकवाद को पनाह देना वाला पाकिस्तान आज खुद के बिछाए जाल में बुरी तरह से फंस चुका है. पाकिस्तान में गुरुवार को प्रतिबंधित हुए संगठन तहरीक एलबैक पाकिस्तान ने लाहौर में दंगे भड़का दिए. व्यवस्था बनाने सड़कों पर उतरी पुलिस पर उसके कार्यकर्ताओं ने हमले कर पांच पुलिस वालों को बंधक बनाया. बंधक पुलिसवालों में एक डीएसपी शामिल हैं, जिनकी बुरी तरह पिटाई की गई. पुलिस की कार्रवाई में तीन लोग मारे गए, सैकड़ों लोग घायल हैं.

Pakistan Riots pics

मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के लाहौर में भड़की हिस्सा का जिम्मेदार तहरीक एलबैक पाकिस्तान समर्थकों को ठहराया गया है. बताया जा रहा है कि लाठी, पत्थर और अन्य हथियारों से लैस तहरीक एलबैक पाकिस्तान समर्थकों ने हिंसा भड़काई, उन्होंने नवांकोट पुलिस स्टेशन पर हमला कर डीएसपी की पिटाई की. उन्हें पांच अन्य पुलिसकर्मियों सहित अपहरण कर अपने मरकज ले गए. इस दौरान कई पाकिस्तानी रेंजर व पुलिसकर्मी थाने के भीतर बंधक बनाकर रखे गए.

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दंगाई यहां मौजूद 50 हजार लीटर पेट्रोल भरा टैंकर भी साथ ले गए. पुलिस के अनुसार उसने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन लोग मारे गए, और थाने को अपने कब्जे में लिया. तब तक 11 पुलिसवाले दंगाइयों द्वारा दी गई यातना से घायल हो चुके थे. टीएलपी के प्रवक्ता शफीक अमीन ने बयान दिया कि पुलिस ने लाहौर के कई इलाकों पर जमे उनके कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की, जिससे हिंसा हुई. यहां के यतीमखाना चौक पर एक हफ्ते से प्रदर्शनकारी बने हुए हैं. शफीक ने कहा कि मृतकों को तभी दफनाया जाएगा जब फ्रांस के राजदूत उनका देश छोड़ेंगे. उनकी यह भी मांग है कि पाकिस्तान फ्रांस से सभी कारोबारी संबंध खत्म करे क्योंकि वहां पैगंबर के तथाकथित कार्टून का प्रकाशन हो रहा है. उन्होंने पुलिस पर ही अपने कार्यकर्ताओं के अपहरण का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस ने कहा कि उन्हें कानून तोड़ने पर गिरफ्तार किया गया है.

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वहीं, पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के बीच टीएलपी के नेताओं ने मस्जिदों से भड़काऊ भाषण दिए. उन्हें सुनने के लिए कार्यकर्ता लाठी और पत्थर लेकर आए. उन्होंने लाहौर की ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन पर कब्जा किया और उसके ऊपर चढ़ गए. इसके बाद पुलिस पर काफी देर पत्थर फेंके गए. यहां के गृह मामलात मंत्री शेख राशिद ने बताया कि यतीमखाना चौक के आसपास हालात अब भी तनाव भरे हैं. सरकार और टीएलपी में बातचीत नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में ईशनिंदा स्वीकार्य नहीं है, लेकिन हमें शांति और जीवित रहने के लिए ऐसे कदम उठाने पड़े हैं जिनके लिए हम मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं.

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