अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच ‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट! एक-दूसरे के कर्मचारियों को नहीं देंगे नौकरी

0
35

एशिया के दो सबसे रईस अरबपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी ने आपस में ‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट किया है. इस एग्रीमेंट के तहत अडानी ग्रुप के कर्मचारी ना तो रिलायंस इंडस्ट्रीज में नौकरी कर सकेंगे और ना ही मुकेश अंबानी की कंपनी में काम कर चुके कर्मचारियों को अडानी ग्रुप हायर करेगी. यह एग्रीमेंट इस साल मई से लागू है और दोनों कंपनियों से जुड़े सभी कारोबार के लिए है. बता दें, बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप या रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अब तक इस एग्रीमेंट से जुड़े सवाल के जवाब नहीं दिए गए हैं.

दरअसल, ‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट के पीछे की असली वजह यह है कि अडानी ग्रुप उन कारोबार में एंट्री कर रहा है, जहां पहले से ही रिलायंस इंडस्ट्रीज का दबदबा है. पिछले साल, अडानी ग्रुप ने अडानी पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में प्रवेश का ऐलान किया. इस सेक्टर में रिलायंस की सबसे बड़ी उपस्थिति है. लिहाज, इस एग्रीमेंट के जरिए दोनों ग्रुप की कंपनियों के टैलेंट को एक दूसरे में हायर करने से रोका जा सकता है.

वहीं, टेलीकॉम में भी अडानी समूह ने एंट्री के लिए पहला कदम बढ़ा दिया है. हाल ही में अडानी ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई है. वहीं, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अडानी और अंबानी एक दूसरे के प्रतिद्वंदी बनते दिख रहे हैं. इसी तरह, मीडिया में भी मुकेश अंबानी के बाद अब अडानी समूह ने एंट्री की है.

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के बीच एग्रीमेंट की वजह से लाखों कर्मचारियों के लिए रास्ते बंद हो गए हैं. रिलायंस के 3.80 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं. वहीं, अडानी समूह के भी हजारों कर्मचारी मुकेश अंबानी की किसी कंपनी में नौकरी नहीं कर पाएंगे.

वैसे तो भारत में ‘नो पोचिंग’एग्रीमेंट का चलन एक प्रथा के रूप में नहीं रहा है, लेकिन अब तेजी से प्रचलित हो रहा है. टैलेंट वॉर और सैलरी हाइक की वजह से कंपनियां ‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट पर जोर दे रही हैं. कर्मचारियों की डिमांड या बढ़ती सैलरी कंपनियों के लिए एक जोखिम है. खासकर उस सेक्टर में जहां टैलेंट कम हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here