मिर्जापुर विवाद: सीरीज मेकर्स को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक, अदालत ने सरकार से मांगा जवाब

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वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के राइटर पुनीत कृष्णा (पहला सीजन), विनीत कृष्णा (दूसरा सीजन) और डायरेक्टर करण अंशुमान, गुरमीत सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है. जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस दीपक वर्मा की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया है.

17 जनवरी को हुई थी FIR

17 जनवरी को मिर्जापुर जनपद के चिलबिलिया के रहने वाले अरविंद चतुर्वेदी ने वेब सीरीज के खिलाफ शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘मिर्जापुर’ उनकी धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को आहत करती है. चतुर्वेदी के मुताबिक, सीरीज के कारण लोगों के बीच खटास आ रही है और इसमें गाली-गलौज के साथ नाजायज संबंधों से जुड़ा कंटेंट भी दिखाया गया है.

शिकायत के आधार पर करण अंशुमान, गुरमीत सिंह, पुनीत कृष्णा , विनीत कृष्णा के खिलाफ देहात कोतवाली थाने में 295-A,504,505,34,67A के तहत fir दर्ज की गई थी. थाना प्रभारी विजय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए मुंबई पहुंची थी.

मेकर्स पहुंचे थे हाईकोर्ट

FIR के खिलाफ ‘मिर्जापुर’ के मेकार्स ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने कहा था कि उनकी वेबसीरीज काल्पनिक है और हर एपिसोड के पहले डिस्क्लेमर में यह स्पष्ट किया गया है. उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की थी कि उनके खिलाफ दर्ज FIR निरस्त कर मामले की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए.

एक अन्य याचिका भी लगी थी

मिर्जापुर के खिलाफ जनवरी में एक अन्य याचिका भी लगाई गई थी. इसमें मिर्जापुर (उप्र) के रहने वाले एस के कुमार ने आरोप लगाया था कि वेब सीरीज में मिर्जापुर की गलत छवि दिखाई गई है. उन्होंने लिखा था कि सीरीज शहर को आतंकी और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त दिखाती है और यह जनपद और उत्तर प्रदेश को भी बदनाम करती है. कुमार ने OTT कंटेंट को रेगुलेट करने की अपील भी की थी. इस याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी कर मेकर्स, अमेजन प्राइम वीडियो और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया था.


सांसद भी उठा चुकीं सवाल

मिर्जापुर की सांसद और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी वेब सीरीज पर सवाल खड़े कर चुकी हैं. उन्होंने भी ‘मिर्जापुर’ पर जनपद की छवि खराब करने का आरोप लगाया था. हालांकि, तब सीरीज के मेकर्स ने इसे काल्पनिक बताकर विवाद से पल्ला झाड़ लिया था.

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