माफिया डॉन मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत, तिहाड़ जेल प्रशासन ने मौत की खबरों का किया खंडन

0
38
Mohammad Shahabuddin

बिहार के माफिया डॉन और सिवान लोकसभा से आरजेडी सांसद रह चुके मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना के चलते हुई मौत का जेल प्रशासन ने खंडन किया है. बता दें, कोरोना संक्रमित होने के बाद शहाबुद्दीन को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां पर उसका इलाज चल रहा है इसी बीच 1 मई की सुबह ऐसी खबरें आई कि शहाबुद्दीन की कोरोना के चलते मौत हो गई है. हालांकि, तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस खबर को अफवाह बताते हुए कहा कि शहाबुद्दीन की तबीयत ठीक है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. मालूम हो कि हत्या के संगीन आरोप में माफिया डॉन शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और 20 अप्रैल को उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी. जिस तरह से शहाबुद्दीन के शरीर में कोरोना लक्षण नजर आए, उसके मद्देनजर कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे तिहाड़ जेल के चिकित्सकों की निगरानी में दे दिया गया. जिसके बाद उसे 21 अप्रैल को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. हालांकि शहाबुद्दीन की हालत नहीं सुधरी और उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा. इसी बीच उसकी मौत की खबरों ने खलबली मचा दी. जिसके बाद जेल प्रशासन को सफाई देनी पड़ी

Mohammad Shahabuddin

शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं. तिहाड़ जेल जाने से पहले वे बिहार के भागलपुर और सीवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके हैं. साल 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए, लेकिन जमानत रद्द होने के कारण उन्हें वापस जेल जाना पड़ा. 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राजद सांसद को सीवान से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था.

Mohammad Shahabuddin

जानिए कौन है माफिया डॉन शहाबुद्दीन

माफिया डॉन शहाबुद्दीन पर तीन दर्जन से भी ज्यादा आपराधिक मुकदमें चल रहे है. इनमें बहुचर्तित और खौफनाक तेजाब कांड को लेकर शहाबुद्दीन को सिवान के लोग याद करते है. साल 2004 में चंदा बाबू के तीन बेटों गिरिश, सतीश और राजीव को बदमाशों ने अगवा कर उन्होंने तेजाब से नहला दिया था. जबकि इस मामले में चश्मदीद रहे राजीव किसी तरह से बदमाशों के चंगुल से भाग निकलें. बाद में राजीव तेजाब कांड के मुख्य गवाह बनें. मगर, साल 2015 में राजीव की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड घटना के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। साल 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आया, लेकिन जमानत रद्द होने के कारण उसे जेल वापस जाना पड़ा. 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राजद सांसद को सीवान से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था. बता दें, तिहाड़ जेल शिफ्ट होने से पहले शहाबुद्दीन बिहार के भागलपुर और सीवान की जेल में भी सजा काट चुका है.

Mohammad Shahabuddin

बता दें, तिहाड़ जेल में शहाबुद्दीन को एक अलग बैरक में रखा गया था. उस बैरक में शहाबुद्दीन के अलावा कोई दूसरा कैदी नहीं था. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तिहाड़ में तीन ऐसे कैदी (शहाबुद्दीन, छोटा राजन और नीरज बवाना) हैं जिनको अलग-अलग बैरकों में अकेला रखा गया है. इनका किसी से भी मिलना-जुलना नहीं होता है. पिछले 20-25 दिनों से इनके परिजनों को भी इन कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है. इन सबके बावजूद शहाबुद्दीन कैसे कोरोना संक्रमित हो गया, यह जेल प्रशासन के लिए चिंता की बात है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here