Sunday, February 28, 2021
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Chinese App ‘KOO’ का भारत सरकार कर रही प्रचार? जानिए वायरल पोस्ट की हकीकत

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट

सोशल मीडिया पर ‘कू’ ऐप को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है. इस पोस्ट पर दावा किया जा रहा है कि ‘कू’ चाइनीज ऐप है और ‘कू’ ऐप का इनवेस्टर्स भी चाइनीज है. यह सब जानते हुए भी भारत सरकार इस ऐप का प्रचार-प्रसार कर रही है.

क्या है वायरल पोस्ट का सच?

जब हमने वायरल पोस्ट की हकीकत जानने के लिए इंटरनेट पर सर्च किया, तो हमें कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली. जिससे वायरल पोस्ट पर किया जा रहा दावे की हकीकत पता चल सके.

फिर हमें ‘कू’ ऐप की ऑफिशियल वेबसाइट चेक की. वेबसाइट पर साफ तौर पर लिखा था कि कू को भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के आत्मनिर्भर ऐप के तौर पर मान्यता दी है.

इसके बाद हमने ‘कू’ ऐप के फाउंडर, को-फाउंडर और सीईओ को इंटरनेट पर पर सर्च किया. हमारी पड़ताल में पता चला कि ऐप के फाउंडर का नाम मयंक बिदवात्का और को-फाउंडर व सीईओ अप्रमेया राधाकृष्ण है. इन लोगों का जिक्र ऐप की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी किया गया है.

पड़ताल के दौरान हमें अप्रमेया राधाकृष्ण का मनी कंट्रोल वेबसाइट पर इंटरव्यू मिला. जिसमें उन्होंने बताया कि ये पूरी तरह से स्वदेशी आत्मनिर्भर ऐप है. चाइनीज कनेक्शन पर उन्होंने कहा कि शुरुआत में चाइनीज इंवेस्टर शुनवेई ने इसमें निवेश किया था, लेकिन अब उन्हें पूरी तरह से हटाया जा रहा है और उनकी हिस्सेदारी भी बहुत कम है.

को-फाउंडर राधाकृष्ण की सोशल मीडिया पोस्ट से यह साफ हो गया कि इस ऐप के फाउंडर्स पूरी तरह से भारतीय हैं.

हमारी पड़ताल में हमें पता चला कि भारत सरकार के लगभग सभी मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री ने इस ऐप पर अकाउंट बना लिया है. वह लोगों से इस ऐप पर जुड़ने की अपील भी कर रहे हैं.

लिहाजा हमारी पड़ताल में साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर ‘कू’ ऐप को लेकर किया जा रहा दावा गलत है. इस ऐप के फाउंडर और को-फाउंडर व सीईओ भारतीय हैं. इस ऐप की हिस्सेदारी से चाइनीज इंवेस्टर शुनवेई को बाहर किया जा रहा है. सोशल मिडिया पर गलत दावे के साथ पोस्ट वायरल किया जा रहा है.

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