केजरीवाल चुनावी घमासान में आश्वासनों में सबसे आगे

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भगवती प्रसाद डोभाल (संपादकीय)

जहां-जहां केजरीवाल का दांव पड़ रहा है-चुनावी घोषणाओं को करने में, वहां-वहां मुक्त कंठ से अपनी बात चुनाव से पहले जनता के पास रख रहे हैं-जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तरा खंड, पंजाब और गोवा में दिल्ली के मुख्य मंत्री ने अपने मन की बात यह कहकर रखी कि इन प्रदेशों में यदि जनता ने आप पार्टी को जिताया, तो उन्हें बिजली 300 यूनिट तक मुफ्त मिलेगी और दिल्ली की तरह 20 हजार लीटर पानी एक परिवार का खपत करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. वरिष्ठ नागरिकों को सभी तीर्थ स्थलों तक मुफ्त यात्रा करवाई जाएगी, साथ ही महिलाओं को बसों में दिल्ली की तरह सुविधा दी जाएगी. देखें केजरीवाल के यह प्रयोग कितने सार्थक होते हैं, वह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इससे पहले और पार्टियां भी केजरीवाल का अनुसरण बेताबी से कर रही हैं.

भारतीय जनता पार्टी एक बार जनता को मुफ्त देने में हिचकिचा रही थी, पर दिल्ली का अनुभव उन्हें मजबूर कर रहा है कि मुफ्त सिर्फ घोषणाएं ही करना पर्याप्त नहीं होगा-जैसा पिछले समय से जनता को मूर्ख बनाते रहे कि हम हर के खाते में 15 लाख डलवा देंगे, भाजपा के सरकार में आते ही अच्छे दिन आ जाएंगे, पर इन घोषणाओं को पाने के लिए जनता अब तक तरस रही है. लेकिन अब ऐसी कोरी घोषणाएं होंगी, तो चुनाव में परास्त होने में कोई देरी नहीं लगेगी. इसी बात को जनता समझकर केजरीवाल की घोषणाओं में दम देख रही है. देखिए अभी ताजा-ताजा पंजाब में जाकर केजरीवाल ने जनता से क्या कहा-

हजार रुपए 18 वर्ष से उपर की महिलाओं के खाते में

केजरीवाल ने घोषणा की है कि यदि पंजाब में हम जीते, तो हर 18 वर्ष से बड़ी महिलाओं के बैंक खाते में हजार रुपए प्रतिमाह सरकार डालती जाएगी, ताकि उनकी घरेलू जरूरतों में थोड़ी राहत मिल सके. वह कहते हैं भारत ही नहीं, दुनिया के किसी देश में ऐसी स्कीम अब तक लॉंच नहीं हुई है.

पंजाब के शिक्षकों के लिए पार्टी के आठ मुद्दे

केजरीवाल पंजाब में जाकर घोषणा कर आए हैं कि यदि आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो शिक्षकों की समस्याओं को तुरंत सुलझाएंगे, जिसमें यह आठ गारंटी के बिंदु हैं.


1-शिक्षकों के साथ मिलकर बदलेंगे शिक्षा व्यवस्था.

2-संविदा की नौकरियों को स्थाई कर देंगे.

3- ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव कर देंगे.

4-शिक्षकों से नहीं करवाएंगे गैर शिक्षण कार्य.

5-शिक्षकों के खाली पद भरे जाएंगे.

6-शिक्षकों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा.

7-शिक्षकों का प्रमोशन समय पर किया जाएगा.

8-कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी.

वास्तव में शिक्षकों के प्रति हर राज्य में काफी दबाव रहता है पढ़ाने के अलावा अन्य सरकारी कामों को भी देखना पड़ता है. प्रमोशन भी शिक्षकों के समय पर नहीं होते. केजरीवाल ने सही नब्ज पर हाथ रखा है. यदि शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने में वह तत्पर होंगे, तो अवश्य इसका प्रतिफल चुनाव में मिल सकता है. ऐसे ही महिलाओं को दी जानेवाली सुविधा हजार रुपए हर महिला के खाते में पड़ेंगे, तो निश्चित तौर पर केजरीवाल को इसका फायदा मिल सकता है. केजरीवाल ने तो मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसी कुछ क्रेडिबिलिटी बना दी है. उनकी घोषणाओं का चुनाव जितवाने में असर जरूर पड़ेगा.

पंजाब में हर व्यक्ति बहुत सारी परेशानियों से जूझ रहा है. और हाल ही में कांग्रेस सरकार ने जो खींचतान अपने ही मुख्यमंत्री को अपदस्थ करने में की है, उसका खामियाजा भी कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है. अकाली और मायावती का गठजोड़ भी केजरीवाल के दांव के सामने फीका पड़ सकता है. दिल्ली में 300 सीटों से भी अधिक सदस्य संसद में भाजपा के होते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी केजरीवाल के विधान सभा के चुनाव को नहीं हिला डुला सके. लाख कोशिशों के बावजूद भी जीतकर मोदीजी को केजरीवाल चिढ़ाने का काम कर रहे हैं. केजरीवाल की घोषणाएं अन्य राज्यों में भी रंग ला सकती है.

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