केंद्र सरकार के मुजावजे पर भारी पड़े झारखंड के साइबर अपराधी, उड़ा डाली अब तक की सबसे बड़ी रकम

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केंद्र सरकार के भी कान अब झारखंड के साइबर अपराधी काट रहे हैं. ताजा मामला झारखंड के गढ़वा की है. जहां 2 फरवरी, 2021 को गढ़वा में साइबर अपराधियों ने एक साथ 10 करोड़ रुपये की ठगी की है. यह राशि बराज के आसपास रहनेवाले रैयतों के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये मुआवजे के लिए भेजा था. लेकिन, उनमें से 10 करोड़ रुपये की अवैध रूप से निकासी कर ली गयी है. यह अब तक का झारखंड का सबसे बड़ा साइबर क्राइम का मामला है.

खेतिहर मजदूरों का मुआवजा ले उड़े साइबर अपराधी

यह राशि डोमनी नदी पर बनने वाले बराज को लेकर रैयतों को मुआवजा देने के लिए विशेष भू- अर्जन विभाग में आया था, जिसे साइबर क्रिमिनल ने उड़ा दिया. बता दें कि डोमनी नदी पर बराज बनाने की स्वीकृति राज्य सरकार ने दी थी. बराज के आसपास रहने वाले रैयतों को मुआवजा देने के लिए करोड़ों रुपये सरकार ने विभाग को भेजी थी. लेकिन, इस राशि में से 10 करोड़ की राशि साइबर क्रिमिनल ने अपने नाम कर लिये.

रैयत ठगे गए, देख रहे इंसाफ की राह

बता दें कि बराज बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद वर्ष 2014 में इसका शिलान्यास भी तत्कालीन विधायक द्वारा किया गया था. इससे बराज के आसपास के रैयतों के बीच उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें मुआवजा मिलेगा, लेकिन उसके पहले ही साइबर क्रिमिनल ने उनके रुपये को अवैध तरीके से निकाल लिया.

साइबर एक्सपर्ट की कमेटी गठित

इस संबंध में गढ़वा डीसी राजेश कुमार पाठक ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच तेज कर दी है. इसके लिए एक कमेटी भी बनायी गयी है. हर पहलुओं पर जांच की जा रही है. जल्द ही इसका खुलासा होगा. इधर, पलामू सांसद और भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप साही ने भी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जल्द से जल्द इसका खुलासा करने की बात कही. विधायक श्री साही ने कहा कि यह गरीब किसान का पैसा है. इसे जल्द से जल्द लाना पुलिस प्रशासन की जिम्मेवारी है.

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