झारखंडः हेमंत सोरेन की कुर्सी पर सियासी सकंट!, विधायक-मंत्रियों को दूसरी जगह किया जा रहा शिफ्ट

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झारखंड की महागबंधन सरकार पर सियासी संकट गहराता जा रहा है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी जानी लगभग तय मानी जा रही है. इसी बीच राजधानी रांची में सीएम आवास पर हुई विधायक और मंत्री की बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सभी विधायको को बस से लेकर एक सुरिक्षत स्थान पर निकल गए है. इसके साथ ही उनके सभी विधायकों का फोन स्वीच ऑफ कराया गया है.

हालांकि पहले कयास लगाए जा रहे थे कि विधायकों को छत्तीसगढ़ में शिफ्ट किया जाएगा. लेकिन अब नई जानकारी सामने आई है कि यूपीए के विधायकों को झारखंड में ही रखा जाएगा. यहां खूंटी के रिसॉर्ट में शिफ्ट करने की तैयारी है.

दरअसल, जब विधायक बैठक में शामिल होने पहुंचे थे तो उनकी गाड़ियों में बैग और अन्य सामान भी दिखाई दिया था. संभावना इसलिए जताई जा रही थी कि झारखंड के यूपीए के विधायकों को प्रदेश से बाहर कहीं भी भेजा जा सकता है, इनमें सबसे ज्यादा अटकलें छत्तीगढ़ भेजने की लगाई जा रही थी. छत्तीसगढ़ को लेकर इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं क्योंकि विधायकों को ऐसे प्रदेश में शिफ्ट किया जा सकता है, जहां यूपीए की मजबूत सरकार है.

हालांकि, अब सूत्रों ने बताया है कि सभी विधायक खूंटी के किसी रिसॉर्ट में शिफ्ट हो रहे हैं. महागठबंधन के सभी विधायक एक साथ हैं. कांग्रेस के विधायक शाम को 8:30 बजे मीटिंग में शामिल होंगे.

बता दें, इन सभी विधायकों को बड़ी ही कूटनीतिक तरीसे से निकाला गया है क्योंकि अगर किसी भी तरह की ऐसी स्थिति बनती है और बाद में उन्हें फ्लोर टेस्ट करना पड़े तो उससे पहले विधायकों को व्हिप जारी किया जाएगा, उसके बाद उन्हें रांची में वापस लाया जाएगा. इसलिए अभी नहीं कह सकते हैं कि विधायकों को कब तक रांची से बाहर रखा जाएगा.

कांग्रेस ने भी राज्य में किसी भी तरह की होर्स ट्रेडिंग से बचने के लिए अपने तीन विधायकों को सस्पेंड कर दिया था. एक सितंबर तक उन सभी विधायकों को जवाब देने के लिए कहा गया था. अगर उन तीनों विधायकों ने फ्लोर टेस्ट में महागठबंधन के पक्ष में वोट नहीं दिया तो उनकी विधायकी चली जाएगी. इस बीच कांग्रेस की ओर से भी आज शाम करीब साढ़े आठ बजे अपने विधायकों की बैठक बुलाई है.

झारखंड के विधायकों की रवानगी के बीच रायपुर के मेफेयर होटल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. होटल के कमरे खाली कनरे के लिए कहा गया है. बताया जा रहा है कि झारखंड के विधायक रविवार की सुबह तक होटल पहुंच सकते हैं. इसके साथ ही होटल में अब कोई नई रूम बुकिंग नहीं की जाएगी.

हेमंत सोरेन की मुख्यमंत्री की कुर्सी जा सकती है, जिसके बाद विधायकों की बैठक तीन बार बुलाई जा चुकी है. दरअसल खनन पट्टे के मामले में चुनाव आयोग ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट झारखंड के राज्यपाल को भेज दी है. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया है. यानी उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की है. इसी बीच सीएम हेमंत सोरेन ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह आदिवासी का बेटा है. इनकी चाल से हमारा रास्ता ना कभी रुका है, ना हम लोग कभी इन लोगों से डरे हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत पहले ही हमारे मन से डर-भय को निकाल दिया था. हम आदिवासियों के DNA में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं है. साथ ही सीएम सोरेन ने कहा कि ‘शैतानी ताकतें’ लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वह अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे.

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