ताइवान से जापानी नागरिकों को निकालने का प्लान बना रहा जापान, क्या चीन के हमले की वजह से जपान ने उठाया कदम?

0
60

चीन और ताइवान के बीच करीब महीने से जारी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. 30 अगस्त को चीनी ड्रोन ने ताइवान की शरहद में दाखिल होने की कोशिश की, जिसे ताइवान की सेना ने मार गिराया है. इसके बाद दोनों देशों के बीच भारी तनाव देखा जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि चीन कभी भी ताइवान पर हमला कर सकता है. हमले की संभावना को देखते हुए जापान ने ताइवान से अपने नागरिकों को बाहर निकालने पर विचार कर रही है.

जापान के वरिष्ठ राजनेता मिनोरू किहारा ने बताया कि जापानी सांसदों और ताइवान की सरकार ने द्वीप पर संभावित चीनी आक्रमण की स्थिति में जापान के नागरिकों को कैसे निकाला जाए, इस पर बातचीत शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो चीन कभी भी ताइवान पर हमला कर सकता है.

हालांकि, चीन और ताइवान के बीच बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की संभावना बेहद कम ही है. इसके बावजूद चीन की आक्रामक नीतियों ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है.

क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जापानी सांसद मिनोरू किहारा ने कहा कि जैसा कि जापान का लोकतांत्रिक ताइवान के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है. ऐसे में एक प्रतिनिधिमंडल जापान की सरकार के बदले कार्य करेगा. सांसदों की यही टीम ताइवान की सरकार के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर सकती है. इस बातचीत के लिए समझौता हाल में ही जापानी सांसदों के ताइवान यात्रा के दौरान हुआ है. जापानी सांसद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद इस द्वीप के दौरे पर पहुंचे थे.

मिनोरू किहारा जापान-ताइवान संबंधों को मजबूत करने के लिए समर्पित सांसदों की एक क्रास पार्टी समूह के महासचिव हैं. उनके ही नेतृत्व में जापानी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल ताइवान पहुंचा था. चीन शुरू से ही ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और किसी भी दूसरे देश के साथ इस द्वीप के संबंधों का कड़ा विरोध भी करता है. जापान और चीन में पहले से ही विवाद है. ऐसे में संबंधों को और खराब होने से बचाने के लिए जापान ने ताइवान को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है. हालांकि, अमेरिका के कारण जापान और ताइवान करीबी दोस्त जरूर हैं.

बता दें, ताइवान में 20,000 से ज्यादा जापानी नागरिक रहते हैं. जापान आमतौर पर किसी अन्य देश में आपात स्थिति में अपने नागरिकों को निकालने के लिए सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज के विमान भेजता है. लेकिन, यह अनिश्चित है कि क्या युद्ध के दौरान जापानी सेना के विमान ताइवान में उतर सकते हैं, जिसे चीन अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है.

हालांकि, चीनी आक्रमण से पहले निकासी के लिए निजी विमानों और जहाजों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसे में जापान चाहता है कि हमले की सूरत में जल्द से जल्द जापानी नागरिकों की निकासी के लिए ताइवान के साथ एक व्यापक प्लान तैयार हो.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here