दल बदलते जितिन प्रसाद के बदले तेवर, सोनिया-राहुल पर कसा तंज

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Jitin Prasada

यूपी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से करीब 6 महीने पहले ही कांग्रेस के युवा नेता जितिन प्रसाद ने कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया है. इसी के साथ जितिन कांग्रेस के उन नेताओं की लिस्ट में शामिल हो गए है, जो ‘जी-23’ से नाराज चलकर पार्टी छोड़ दी है. यह वही 23 नेताओं का गुट था, जिसने बीते साल पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर कांग्रेस के हर स्तर पर बदलाव की मांग की थी. हालांकि, कांग्रेस ने अब तक इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं. इसी के चलते जितिन प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए. पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते है जितिन प्रसाद ने कांग्रेस पर तंज भी कस दिया, उन्होंने कहा कि अब केवल भाजपा ही देशहित में काम करने वाली पार्टी है, बाकी दल व्यक्ति विशेष और क्षेत्र के हो गए.

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राष्ट्रीय दल के नाम पर देश में अगर कोई पार्टी है, तो वह सिर्फ भाजपा है. श्री प्रसाद ने कहा कि मैं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सभी भाजपा नेताओं का धन्यवाद देता हूं. ये राजनीतिक जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है. मेरा कांग्रेस से तीन पीढि़यों का नाता है. ये अहम निर्णय विचार और मंथन के बाद लिया है. सवाल ये नहीं है कि मैं किस दल को छोड़कर आ रहा हूं. सवाल ये है कि किस दल में जा रहा हूं और क्यों जा रहा हूं. कुछ सालों से महूसस किया है कि आज देश में असली मायने में कोई राजनीतिक दल है तो भाजपा है. राष्ट्रीय दल तो भाजपा है.

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इससे पहले पीयूष गोयल ने कहा कि आज जितिन प्रसाद हमारे बीच में है. यह उत्तर प्रदेश के नेता हैं. भाजपा की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर हमारी पार्टी में आ रहे हैं. ये कांग्रेस संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं. मंत्री भी रहे हैं. पीयूष गोयल ने कहा कि जितिन प्रसाद ने बहुत छोटी आयु से उत्तर प्रदेश की सेवा में अपना पूरा जीवन झोंक दिया है. अभी भी मुझे याद है कि इनकी उम्र 27 वर्ष की थी, जब अचानक इनके पिता जी का देहांत हो गया था, तब ये मुंबई में काम करते थे. दिल्ली के श्रीराम कालेज से ये पढ़ाई कर चुके हैं. छोटी ही उम्र में परिवार को झटका लगा. इन्होंने छोटी आयु में भी उत्तर प्रदेश में दौरा किया. अलग-अलग जिलों में जाकर अपनी प्रतिभा और काम से लोगों का दिल जीता. राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि यूपी में प्रियंका गांधी के आने के बाद से जितिन प्रसाद को साइड लाइन कर दिया गया. पार्टी के कार्यक्रमों में भी उनको कम तवज्जो मिलती थी. हालांकि जितिन ने कभी खुलकर इसको जाहिर नहीं किया.

जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मलिकार्जुन खड़गे ने बड़ा बयान दिया है. मलिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जाने वाले जाते रहते हैं, हम उन्हें नहीं रोक सकते. वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जितिन प्रसाद का स्वागत किया और उन्हें अपना छोटा भाई बताया.

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