हिमाचल प्रदेश: बिलासपुर में पीएम मोदी ने फूंकी चुनावी रणभेरी, कहा- ‘मैंने हिमाचल की रोटी खाई है, कर्ज चुकाना होगा

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में बने एम्स का पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार (5 अक्टूबर) दशहरे के दिन उद्धाटन किया. इस दौरान आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले विकास के मामले में हिमाचल प्रदेश को छोटा राज्य समझकर प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, लेकिन मैंने हिमाचल की रोटी खाई है, यहां के लोगों के लिए काम कर मुझे कर्ज चुकाना होगा.

पीएम मोदी ने कहा, आप सभी को विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं. विजयादशमी के दिन मुझे विजय की रणभेरी फूंकने का अवसर मिला है. बिलासपुर को शिक्षा और स्वास्थ्य का डबल गिफ्ट मिला है. बहुत सालों बाद मुझे कुल्लू दशहरा में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा. मैं देश के लिए भी आशीर्वाद मांगूंगा. बिलासपुर में मेरी यादें ताजा हो रहीं हैं. मुझे यहां काफी समय तक काम करने का अवसर मिला है.

पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि हिमाचल प्रदेश में विकास के जो काम हो रहे हैं वो आपकी वोट की ताकत से हो रहे हैं. केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, जिसके चलते यहां एक के बाद एक विकास के काम हो रहे हैं. हमने विकास को लेकर लंबे समय तक एक विकृत सोच देखी है. पहले सोच थी कि अच्छी सड़कें और शिक्षण संस्थान बड़े शहरों और कुछ राज्यों में बननी चाहिए. पहाड़ी राज्यों तक विकास के काम नहीं पहुंचते थे. इसके चलते देश में असमानता हो गई. पिछले आठ साल में देश उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि पहले सरकारें शिलान्यास का पत्थर लगाती थी और चुनाव के बाद उस काम को भूल जाती थी. शिलान्यास हो जाते थे, लेकिन काम नहीं होता था. मैं हिमाचल का बेटा हूं. मैं इसे भूल नहीं सकता. हमारी सरकार की पहचान है कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है उसका लोकार्पण भी करती है. राष्ट्र रक्षा में भी हिमाचल का बड़ा योगदान रहा है. अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है. 2014 तक हिमाचल में सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेज थे, जिसमें दो सरकारी थे. पिछले आठ साल में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बने हैं.

पीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निर्माण कार्य करने में काफी दिक्कत आती है. कोरोना की कठिनाई के बाद भी भारत सरकार और राज्य सरकार ने काम किया, जिसके चलते आज बिलासपुर एम्स काम करने लगा है. चिकित्सा उपकरणों और जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण के क्षेत्र में हिमाचल की बड़ी भूमिका होने जा रही है. हम काम आज की पीढ़ी के साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए भी करते हैं. मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए देश के चार राज्य चुने गए थे. इसमें एक राज्य हिमाचल प्रदेश भी है. मैंने यहां कि रोटी खाई है. उसका कर्ज चुकाने के लिए काम कर रहा हूं. यहां मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा है. इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

मोदी ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के लिए भी हिमाचल प्रदेश उपयुक्त है. आज भारत मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन रहा है. जब दुनिया के लोग मेडिकल टूरिज्म के लिए आएंगे तो यहां के पर्यावरण का आनंद भी लेंगे. सरकार की कोशिश है कि गांव के लोगों को उनके घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधा मिले. बिलासपुर एम्स इसके लिए काम कर रहा है.

पीएम आयुष्मान योजना के बारे में बोलते हुए मोदी ने कहा कि माताओं की आदत होती है कि वे बीमार रहती हैं, लेकिन परिवार से बीमारी की बात नहीं बताती. वे सोचती हैं बीमारी की जानकारी पति और बेटों को मिली तो वे कर्ज लेकर भी इलाज कराएंगे. माताएं बीमारी सहती हैं, लेकिन परिवार को कर्ज में नहीं डालना चाहती. अगर माताओं को बीमारी सहना पड़े तो यह बेटा किस काम का. इसी सोच के लिए आयुष्मान भारत योजना लाई गई है. इसका लाभ माताओं और बहनों को अधिक मिल रहा है. इससे उन्हें बीमारी की पीड़ा सहने के लिए मजबूर नहीं रहना पड़ रहा है.

पीएम ने हिमाचल प्रदेश में 3,650 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. एम्स के उद्घाटन के अवसर पर पीएम के साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे. पीएम प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा समारोह में हिस्सा लेंगे.

नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर एम्स का उद्घाटन किया. अक्टूबर 2017 में उन्होंने इसकी आधारशिला रखी थी. इस हॉस्पिटल का निर्माण केंद्र सरकार की पीएम स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत किया गया है. इसके निर्माण पर 1,470 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है. यह अत्याधुनिक अस्पताल है. इसमें 18 स्पेशलिटी और 17 सुपर-स्पेशियलिटी विभाग, 18 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 750 बेड हैं. हॉस्पिटल में 64 ICU बेड हैं.

एम्स बिलासपुर 247 एकड़ में फैला हुआ है. यहां 24 घंटे आपातकालीन और डायलिसिस सुविधाएं मिलेंगी. इसके साथ ही अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों से भी हॉस्पिटल को लैस किया गया है. इसमें एक जन औषधि केंद्र और 30 बिस्तरों वाला आयुष ब्लॉक भी है. अस्पताल ने राज्य के आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किया है. अस्पताल में हर साल एमबीबीएस के 100 छात्रों और नर्सिंग पाठ्यक्रमों के 60 छात्रों का एडमिशन होगा. अस्पताल द्वारा काजा, सलूनी और केलांग जैसे दुर्गम आदिवासी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी.

पीएम ने पिंजौर से नालागढ़ तक NH-105 को फोर लेन करने के लिए 1,690 करोड़ रुपए से अधिक की 31 किलोमीटर लंबी परियोजना की आधारशिला रखी. उन्होंने नालागढ़ में करीब 350 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की आधारशिला भी रखी. इस पार्क में उद्योग स्थापित करने के लिए पहले ही 800 करोड़ रुपए से अधिक के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं. इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी.

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