मैं टाइगर मेमन का भाई बोल रहा हूं, तू नहीं जानता मैं कितना खतरनाक हूं, टाइगर भाई को बोलकर तुमको ठिकाने लगा दूंगा…

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मायानगर मुंबई में 1993 में हुए सीरियल बम धामकों के दोषी याकूब मेमन की कब्र की सजावट को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ा जा रहा है. महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ शिंदे और भाजपा की गठबंधन सरकार पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साध रही है, तो वहीं कांग्रेस भाजपा पर आतंकी का शव परिजनों को सौंपने का आरोप लगा रही है. दरअसल, याकूब को 2013 में फांसी की सजा सुनाई गई थी और उसे साल 2015 में फांसी दी गई. इसके बाद भाजपा सरकार ने आतंकी का शव उसके परिजनों को सौंप दिया था. लिहाजा, अब उसकी कब्र की सजावट से उपजे विवाद पर सियासत जोरों पर है.

इधर, याकूब मेमन की कब्र की सजावट को लेकर नया ट्विस्ट सामने आया है. खबरों के मुताबिक याकूब मेमन के भाई टाइगर मेमन की तरफ से बड़ा कब्रिस्तान ट्रस्ट के एक पूर्व सदस्य को धमकी दी गई थी. धमकी देने वाले शख्स ने कहा था की याकूब मेमन की कब्र की जगह को हमारे नाम किया जाए. वरना इसका बुरा परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाओ. जिस शख्स को धमकी मिली थी उसका नाम जझील नवरंगे है. इसकी शिकायत उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर, महाराष्ट्र ATS चीफ और बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश से की थी. नवरंगे को यह धमकी साल 2020 में आई थी.

नवरंगे को धमकी देने वाले शख्स ने खुद को टाइगर मेमन का चचेरा भाई बताया, उसने कहा, 'याकूब भाई को तो शहादत नसीब हुई है. मगर टाइगर भाई अभी भी जिंदा है तुम लोग मेरा बड़ा कब्रिस्तान का काम करके दो, वरना टाइगर भाई को बोल के हम तुम दोनों को ठिकाने लगा देंगे. तू जानता नहीं टाइगर भाई क्या चीज हैं, जो आज तक किसी के हाथ नहीं आए. तुम दोनों को कब गायब कर देंगे पता भी नहीं चलेगा. लो टाइगर भाई से फोन पर बात करो अभी'. बार-बार आ रहे हैं धमकी भरे फोन कॉल से घबराकर नवरंगे ने इस बात की शिकायत पुलिस महकमे से की थी.

शिकायतकर्ता नवरंगे ने अपनी कंप्लेंट में बताया कि उन्होंने धमकी देने वाले व्यक्ति ए आर मेमन को गैर कानूनी काम करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने हमें जामा मस्जिद ऑफ बॉम्बे ट्रस्ट में बदनाम करने की धमकी दी. इतना ही नहीं उन्होंने हमारे खिलाफ ट्रस्ट में फर्जी शिकायत भी दर्ज करवाई. जिसमें यह कहा गया कि काम करने की एवज में ट्रस्ट के लोग पैसों की मांग कर रहे हैं.

बता दें, 1993 मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की कब्र को मजार बनाने की कोशिश की गई है. इसके लिए कब्र के आस-पास लाइट्स और मार्बल लगाया गया. हालांकि अब यहां लगी लाइट्स को मुंबई पुलिस ने हटवा दिया है, लेकिन सवाल यह भी है कि इसे लगाने की इजाजत किसने दी? इस मुद्दे पर कब्रिस्तान के केयरटेकर का कहना है कि मेमन परिवार ने यह जगह ली है. याकूब के बाद उसके रिश्तेदारों को भी यहीं दफनाया गया है.

वहीं, याकूब मेमन की कब्र के पास हुई सजावट के सवाल पर कब्रिस्तान ट्रस्ट ने कहा कि मार्बल लगाने की परमिशन पिछले साल ट्रस्ट की तरफ से याकूब मेमन परिवार को दी गई थी. दरअसल, मेमन परिवार की कब्र के पास एक पेड़ था, जिसके गिरने की वजह से आस-पास की मिट्टी खिसक रही थी. इसी वजह से परिवार को कब्र के पास मार्बल लगाने की इजाजत दी गई थी. जहां तक लाइटों का सवाल है तो इसी साल 19 मार्च 2022 को बड़ी रात (शब-ए-बारात) के दिन यह बड़ी लाइटें भी लगाई गई थीं.

गौरतलब है कि याकूब मेमन को साल 2015 में फांसी देने के बाद मुंबई के बड़ा कब्रिस्तान में दफनाया गया था. याकूब बम धमाकों के दूसरे दोषी टाइगर मेमन का भाई है. हाल ही में टाइगर मेमन पर NIA ने 15 लाख का इनाम घोषित किया था. वहीं अंडरवर्ल्ड डॉन और आतंकी दाऊद इब्राहिम पर 25 लाख का इनाम रखा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक टाइगर मेमन फिलहाल पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम के साथ ही रहता है. दाऊद इब्राहिम के कहने पर ही मेमन बंधुओं ने बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुंबई को सीरियल धमाकों से दहलाने की साजिश रची थी.

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