कश्मीर: सिख लड़कियों के धर्मांतरण वाली साजिश का कितना सच?

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जम्मू-कश्मीर से शुरू हुए सिख लड़कियों के धर्मांतरण की आग अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच चुकी है. इसी बीच सिख धर्मांतरण मामले में नया ट्विस्ट सामने आया है. दरअसल, धर्मांतरण का शिकार हुई चार में से एक सिख लड़की ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपने परिवार और पुलिस द्वारा दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है. युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके मुसलमान व्यक्ति से निकाह किया है. इधर पूरे मामले पर पीडीपी की तरफ से कहा गया है कि बदनाम करने के लिए धर्मांतरण के मुद्दे को उठाया जा रहा है.


जानिए पूरा मामला

बता दें, 20 जनवरी 2021 को इस्लामिक रीति-रिवाज से मंजूर अहमद भट से निकाह करके वीरन पाल कौर से खदीजा बनी युवती ने इस साल मई में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मगरे ने 20 मई को पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि युवती के माता-पिता रतन सिंह और पोपिंदर कौर या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति दंपति पर हमला ना करें, उन्हें प्रताड़ित, उनका अपहरण ना करें या उन्हें नुकसान ना पहुंचाए.


सिख धर्मांतरण मुद्दे पर सिखों का जोरदार प्रदर्शन

कश्मीर में सिखों ने ऐसे अतंर-धर्म विवाह के विरुद्ध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सिख युवतियों का जबरन उम्रदराज लोगों से विवाह कराया जा रहा है. यही नहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर एस. सिरसा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया है. सिरसा ने कहा कि, चार लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है जिनमें एक 18 साल की है और उसका निकाह प्रौढ़ व्यक्ति से कराया गया है.


अमित शाह ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा

ऐसा कहा जा रहा है कि सिख युवती ने अपनी मर्जी से शादी की है. इस मामले में सिख समुदाय को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से भी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है.


सिख आंदोलनकारियों की ये है मांग

आंदोलनकारियों की मांग है कि जम्मू-कश्मीर में एक कानून बनना चाहिए, जिसके तहत अंतर्धार्मिक विवाह से पहले पेरेट्स की अनुमति लेना जरूरी होगा. उधर, कश्मीर में जबरन धर्मांतरण के आरोपों के बीच सिख युवती मनमीत कौर, जिसे कथित अपहर्ता से छुड़ाकर उसके परिवार को सौंप दिया गया था, उसका मंगलवार को एक सिख युवक से विवाह सम्पन्न हो गया.

डीएसजीएमसी के अध्यक्ष एवं शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट करके कहा, 'श्रीनगर से सिख बेटी मनमीत कौर का उत्साहपूर्वक स्वागत करने के लिए संगत का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसका जबरन धर्मांतरण किया गया, लेकिन उसे फिर से आजादी मिली है.

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