क्या ‘ममता’ ने भी पकड़ ली ‘हिंदुत्व’ की राह? दुर्गा पंडाल पर अनुदान राशि बढ़ाने पर उठा सवाल

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की दुर्गा पूजा कमेटी को लेकर बड़ी घोषणा की है, उन्होंने कहा कि इस साल दुर्गा कमेटी को 10 हजार अनुदान राशि बढ़ाकर दी जाएगी. यानी पहले जो 50 हजार रूपए अनुदान राशि होती थी वो अब बढ़कर 60 हजार रुपए हो जाएगी. ममता बनर्जी के इस घोषणा के बाद से ही राजनीति पंडित इस लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देख रहे है, उन्हें लग रहा है कि क्या ममता बनर्जी भी भाजपा की तरह हिंदुत्व की राह पर चल पड़ी है?

दरअसल, कोरोना महामारी के कारण दो साल से दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं हो रहा था. इसके साथ ही पूजा पंडालों को 60 प्रतिशत की रियायत पर बिजली देने का भी फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी दुर्गा पूजा के दौरान 11 दिन के अवकाश की भी अर्हता रखेंगे.

बता दें, पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव दुर्गा पूजा इस साल 30 सितंबर को शुरू हो रहा है, लेकिन ममता ने ये ऐलान क‍िया क्‍यों? जबक‍ि एक समय ऐसा भी था जब ममता ने अपने विधायकों को पूजा में शामिल ना होने की बात कही थी. राजनीत‍ि मामलों की जानकारी रखने वाले पंड‍ितों का कहना है क‍ि ममता हिंदू वोटों को लामबंद करने की कोश‍िश कर रही हैं. पश्‍चिम बंगाल में लंबे समय तक काम चुके वर‍िष्‍ठ पत्रकार राजेंद्र त‍िवारी कहते हैं क‍ि ममता को अच्‍छी तरह से पता है क‍ि राज्‍य में उनकी लड़ाई अब भाजपा से ही है. वे कांग्रेस और सीपीएम को लड़ाई से बाहर मान रही हैं.

राजेंद्र कहते हैं, ‘ये बात सही है क‍ि 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार नहीं बना पाई, लेकिन उसके पहले हुए चुनाव की तुलना में उसकी बढ़ोतरी ममता और उनकी पार्टी TMC के लिए चिंता का विषय है. ममता ने कुछ दिनों पहले कैब‍िनेट का विस्‍तार भी किया था. उसमें उन विधायकों को मंत्र‍िमंडल में ज्‍यादा जगह मिली जो उस लोकसभा क्षेत्र से हैं जहां 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जीत मिली. ऐसे में अब उनका पूरा फोकस 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर है. राज्‍य में 37 हजार से ज्‍यादा दुर्गा पूजा सम‍ित‍ियां हैं. ऐसे में उन्‍हें साधने के लिए इससे अच्‍छा कुछ हो ही नहीं सकता.’

राजेंद्र त‍िवारी कहते हैं क‍ि ममता इससे पहले पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में एक रैली में दुर्गा पाठ किया था. नंदीग्राम की उस चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था क‍ि ‘मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलना. मैं हिंदू की बेटी हूं ब्राह्मण परिवार में पली-बढ़ी हूं. यदि हिंदू कार्ड ही खेलना है, तो पहले तय कर लो कि तुम अच्छे हिंदू हो या नहीं हो. इस मौके पर उन्‍होंने माता दुर्गा का पाठ किया और भगवान शिव की आराधना भी की. उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों के सामने देवी की आराधना की. कई मंत्रोच्चार किए और हर मंत्रोच्चार के बाद मौजूद जनता से पूछा- खेला होबे?

इससे पहले 2020 में ममता ने दुर्गा पूजा को ध्‍यान में रखते हुए लोकप्रिय महालया गीत ‘जागो तुमि जागो’ गाया था. इसका वीडियो बनाकर उन्‍होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया था. तब भी राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा था क‍ि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा के इस गाने से पश्चिम बंगाल में हिंदू वोटों को एकमुश्त करने में जुटी हुई हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को सबसे ज्यादा खतरा भाजपा से ही है. ऐसे में वह हिंदुत्व की राह अपनाकर भाजपा को चित कर सकती हैं और इसी वजह से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी नरम हिंदुत्व के सहारे आगे बढ़ रही है. अब वे लोकसभा चुनाव से पहले भी इसी राह पर हैं.

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