पिता की मौत के बाद हरभजन सिंह करना चाहते थे…

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हरभजन सिंह के नाम 417 टेस्ट विकेट हैं, जबकि उन्होंने वनडे में 269 विकेट लिए हैं और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 25 विकेट लिए हैं। हरभजन सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं। लेकिन आज हम ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो आपको सुनकर हैरानी हो सकती हैं बता दें जब हरभजन सिंह पिता के दुनिया से जाने के बाद क्रिकेट छोड़कर ट्रक ड्राइवर बनना चाहते थे।

कुंबले उस समय भारतीय टीम के स्टार स्पिनर थे और उनकी गैरमौजूदगी में अन्य स्पिनरों को मौका मिल रहा था। लेकिन भज्जी को टीम में सिलेक्शन नहीं हो रहा था इसी बीच उनके पिता ने उनका छोड़ दिया था। बता ददें 2000 में हरभजन सिंह के पिता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था और 21 वर्षीय की उम्र में हरभजन सिंह पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी । हरभजन सिंह को अपनी मां और पांच बहनों की परवरिश करनी पड़ी और न तो उनके पास नौकरी थी और न ही उन्हें टीम में मौका मिल रहा था।

हरभजन सिंह ने परिवार चलाने के लिए क्रिकेट छोड़ने और ट्रक ड्राइवर बनने का फैसला किया। वे कनाडा जाकर ट्रक चलाना चाहते थे। हालांकि उनकी बहनों ने हरभजन सिंह को ऐसा करने से रोक दिया। परिवार ने उन्हें क्रिकेट पर और मेहनत करने की सलाह दी और आगे जो हुआ उससे पूरी दुनिया परिचित है। हरभजन सिंह ने 2000 रणजी ट्रॉफी में 5 मैचों में सिर्फ 13.96 की औसत से 28 विकेट लिए थे। इस प्रदर्शन के बाद हरभजन सिंह ने 2001 में टीम इंडिया में वापसी की और फिर इस स्पिनर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

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