चीन में शादी के लिए नहीं मिल रहीं लड़कियां, सरकार ने उठाया ये अजीबोगरीब कदम

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चीन में एक ऐसी समस्या खड़ी हो गई है, जिससे निपटने के लिए चीन को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. दरअसल, चीन की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और युवा चीनी शादी करने को लिए इच्छुक नहीं है, जिस कारण युवा आबादी सिकुड़ रही है. चीनी मिलेनियल्स (युवा वर्ग जो 90 के दशक के आखिर में पैदा हुआ) की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और ये वर्ग शादी नहीं करने या उसे टालने में यकीन रखने वाला है.

सीएनन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह सालों में पहली बार शादी करने वाले लोगों की संख्या में 41 फीसदी की गिरावट हुई है. ये संख्या 2013 में 2.38 करोड़ थी, जो 2019 में घटकर 1.39 करोड़ हो गई. चीन की जनसंख्या वृद्धि को सीमित करने के लिए तैयार की गई दशकों की नीतियों के चलते यह गिरावट हुई है. इसका मतलब यह है कि चीन में शादी करने के लिए युवा आबादी बहुत कम है. दूसरी ओर शादी को लेकर युवाओं की राय भी बदल रही है, खासतौर पर युवा महिलाओं की.

2019 में चीन में शादी करने की दर 1000 लोगों पर 6.6 रही, जिसमें 2013 के मुकाबले 33 फीसदी की गिरावट हुई. ये पिछले 14 सालों में सबसे कम थी. चीनी अधिकारियों ने इसके पीछे की वजह ‘One Child Policy’ (एक बच्चा नीति) को बताया. One Child Policy को 1979 में चीन सरकार देश की आबादी पर काबू करने के लिए लाई थी.

इस नीति के चलते 2014 में देश की काम करने की आबादी सिकुड़ने लगी. इसने चीनी नेताओं के समक्ष अलार्म का काम किया और अगले साल ही चीन ने One Child Policy पर रोक लगाने का एलान किया. सरकार ने कहा कि 1 जनवरी, 2016 से One Child Policy पूरी तरह से खत्म कर दी गई. लेकिन फिर भी शादी और जन्मदर गिरती रही.

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