बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक डूबी कांग्रेस की नईया, फिर बीजेपी की हार पर क्यों उछल रही!

0
23
Congress

भले ही कांग्रेस पार्टी का पश्चिम बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक सूपड़ा साफ हो गया है, मगर इसके बावजूद कांग्रेस दूसरों की जीत-हार पर खुशी जाहिर कर रही है. जहां एक तरफ पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही बीजेपी का ममता की आंधी में सपना चूर हो गया, तो वहीं यहां पर कांग्रेस पार्टी का बेहद ही खराब प्रदर्शन रहा. इसके अलावा केरल, असम और पुडुचेरी में भी देश की सत्ता पर वर्षा राज करने वाली कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

ममता की आंधी में उड़ गई कांग्रेस

पश्चिम बंगाल चुनाव में अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ तो वह वामपंथी दलों और कांग्रेस के गठबंधन को. जिसका खाता तक नहीं खुल पाया है. सूबे में तीन दशक तक लगातार राज्य करने वाले वामपंथी दल और दो दशत का निरंतर शासन करने वाली कांग्रेस पहली बार विधानसभा से बाहर होगी. वामपंथी दल और कांग्रेस के गठबंधन का धराशायी होना, तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ. सत्तारूढ़ टीएमसी ने रिकॉर्ड तोड़ तीसरी बार जीत हासिल की और साल 2016 का आंकड़ा तोड़ते हुए इस बार 213 सीटें हासिल की. जबकि बंगाल फतेह का सपना देख रही बीजेपी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को तीन अंकों तक नहीं पहुंच पाई और महज 75 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. हालांकि यहां पर बीजेपी को सीटों का फायदा मिला है. वहीं, कांग्रेस पार्टी एक भी सीट पर जीत दर्ज करने में नाकाम रही.

Congress

केरल में राहुल ने झोंकी ताकत, फिर भी नहीं मिली जीत

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया. यहां से उन्हें बंपर जीत भी मिली थी. इसके बाद वह लगातार केरल का दौरा करते रहे. इस विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी थी, उन्होंने सबसे ज्यादा समय केरल में ही बिताया था. हालांकि राहुल ने जिस हिसाब से केरल में अपनी ताकत झोंकी, उस हिसाब से पार्टी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा. 56 विधायकों वाली कांग्रेस चुनाव नतीजे में सिर्फ 40 सीट जीतने में सफल रही.

राहुल-प्रियंका की जोड़ी का असम में नहीं चला मैजिक

असम में चुनाव खत्म होते ही कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिया था, उन्होंने एक समय लगा था कि वह सत्ता के नजदीक पहुंच सकती है. हालांकि परिणाम कुछ और रहे. असम चुनाव में राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंक गांधी ने काफी चुनाव प्रचार किए, उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए शॉफ्ट हिंदुत्व का भी सहारा लिया, बावजूद सूबे की सत्ता में वापसी में सफलता नहीं मिली. कांग्रेस पार्टी सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंच सकी. इस चुनाव में देश की सबसे पुरानी पार्टी को 10 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है. वह 46 से 36 सीटों पर समिटकर रह गई.

Congress

पुडुचेरी में 23 से 4 सीट तक का सफर

विधायकों के इस्तीफे के साथ ही चुनावों की घोषणा से ठीक पहले केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस पार्टी की सरकार अल्पमत में आ गई थी. इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासान लगा दिया था. इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सत्ता से बेदखल होने वाली पार्टी 23 से सीधे 4 सीट पर आकर रुकी है. यह काफी ही निराशाजनक प्रदर्शन है.

Congress

अपनी हार का नहीं बल्कि बीजेपी की हार से खुश हो रही कांग्रेस

आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस पार्टी का चार राज्यों में निराशाजनक प्रदर्शन रहा, बावजूद इसके कांग्रेस पार्टी अपनी हार का गम मनाने की बजाए बीजेपी की हार की खुशियां मना रही है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी, उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ”मैं भाजपा को पराजित करने के लिए ममता बनर्जी जी और पश्चिम बंगाल के लोगों को बधाई देता हूं.” उनके अलावा कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ममता को बधाई देते हुए ट्वीट किया, ”आज झांसी की रानी ने फिर से इतिहास लिख दिया.”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here