किलर कोरोना को मात नहीं दे पाए ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह, 91 साल की उम्र में चढ़ीगढ़ पीजीआई में ली अंतिम सांस

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Milkha Singh

करीब एक महीने से कोरोना वायरस से जूझ रहे फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह (91) का बीती रात 18 जून (शुक्रवार) को चंडीगढ़ पीजीआई में निधन हो गया. फ्लाइंग सिख के नाम से दुनिया भर मे मशहूर मिल्खा सिंह 19 मई को कोरोना संक्रमित मिले थे. इससे पहले उनकी पत्नी निर्मल गौर का भी कोरोना वायरस के चलते निधन हो गया था.

बीते तीन जून को मिल्खा सिंह की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तो उन्हें पीजीआई चंड़ीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां पर उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई मगर, संक्रमण के कारण वह बेहद कमजोर हो गए थे. शुक्रवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत गंभीर हो गई. बुखार के साथ उनका आक्सीजन लेबल नीचे गिरने लगा और देर रात उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और रात करीब 11.40 बजे उनका निधन हो गया. उनके निधन के साथ भारतीय खेल के एक युग का अंत हो गया.

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पांच दिन पहले हुई थी पत्नी की मौत

मिल्खा सिंह के साथ उनकी पत्नी निर्मल कौर भी कोरोना संक्रमित हो गईं थीं. हालत गंभीर होने पर उन्हें मोहाली के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था. उनकी भी हालत कई दिनों तक स्थिर बनी हुई थी लेकिन 13 जून की शाम 4 बजे उनका निधन हो गया. मिल्खा सिंह और उनकी पत्नी के बीच काफी जुड़ाव था. पत्नी की मौत के बाद परिजनों को लगने लगा था कि वे ज्यादा दिन तक जी नहीं पाएंगे, इसलिए पत्नी के निधन की खबर मिल्खा सिंह से छिपाकर रखी गई थी. बता दें, निर्मल कौर भारतीय वॉलीबाल टीम की पूर्व कप्तान थीं, साथ ही वह चंडीगढ़ के खेल निदेशक के पद पर भी रही थीं.


पाकिस्तान में हुआ था जन्म

20 नवंबर 1929 को गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है) के एक सिख परिवार में मिल्खा सिंह का जन्म हुआ था. खेल और देश से बहुत लगाव था, इस वजह से विभाजन के बाद भारत भाग आए और भारतीय सेना में शामिल हुए थे.


भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया

1956 में मेलबर्न में आयोजित ओलिंपिक खेल में भाग लिया. कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन आगे की स्पर्धाओं के रास्ते खोल दिए. 1958 में कटक में आयोजित नेशनल गेम्स में 200 और 400 मीटर में कई रिकॉर्ड बनाए. इसी साल टोक्यो में आयोजित एशियाई खेलों में 200 मीटर, 400 मीटर की स्पर्धाओं और राष्ट्रमंडल में 400 मीटर की रेस में स्वर्ण पदक जीते. उनकी सफलता को देखते हुए, भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया.


चार जून को प्रधानमंत्री ने पूछा था हाल

मिल्खा सिंह के पीजीआई में भर्ती होने और सेहत खराब होने की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनका हाल पूछा था, साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की थी. प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि अभी खिलाड़ियों को आपके मार्गदर्शन की जरूरत है. आप जल्द स्वस्थ होकर टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं. बता दें, मिल्खा सिंह के परिवार में उनकी तीन बेटियां व एक बेटा जीव मिल्खा सिंह हैं. जीव अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फर हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी समेत कई हास्तियों ने मिल्खा सिंह को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, खिलाड़ी, अभिनेता से लेकर हर वर्ग के लोगों ने मिल्खा सिंह को श्रद्धाजंलि दी. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताया है, उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हमने एक बेहद ही धावक खिलाड़ी को खो दिया. देश के नागरिकों के दिलों में मिल्खा सिंह बसते थे, उन्होंने देश के लाखों लोगों को अपनी व्यक्तित्व से प्रेरित किया है. उनके निधन से मैं बहुत आहत हुआ हूं. पीएम ने लिखा कि उन्होंने कुछ ही दिनों पहले मिल्खा सिंह से बात की थी लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वे आखिरी बार उनसे बात कर रहे हैं.

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बता दें, प्रधानमंत्री ने मिल्खा सिंह के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की थी, उन्होंने कहा था कि ओलंपिक जाने वाली टीम को आपके आशीर्वाद की जरूरत है. शुक्रवार देर रात पीएम ने इस महान व्यक्तित्व के निधन की खबर पर शोक जताया और परिवार को इस मुश्किल वक्त में हिम्मत बनाए रखने की बात कही. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा कि मिल्खा सिंह ने विश्व एथलेटिक्स पर एक अमिट छाप छोड़ी है. राष्ट्र उन्हें हमेशा भारतीय खेलों के सबसे चमकीले सितारों में से एक के रूप में याद रखेगा.

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खेल मंत्री बोले- वादा करता हूं, आपकी आखिरी इच्छा को पूरा करेंगे

केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू ने ट्विटर पर मिल्खा सिंह का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि वादा करते हैं कि वह मिल्खा सिंह की आखिरी इच्छा को पूरा करेंगे. वीडियो में मिल्खा सिंह ये कहते हुए दिख रहे हैं कि उनकी आखिरी इच्छा है कि जैसे उन्होंने एथलेटिक्स में देश के लिए गोल्ड जीता, वैसे ही कोई देश का नौजवान देश के लिए रोम ओलंपिक में गोल्ड जीते और भारत का झंडा लहराए.


कैप्टन अमरिंदर बोले- एक युग का अंत

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मिल्खा सिंह का जाना एक युग का अंत है. ये पंजाब के लिए बड़ी हानि है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मिल्खा सिंह हमेशा हमारे लिए प्रेरक बने रहेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने लिखा कि मिल्खा सिंह भले इस दुनिया से चले गए हैं लेकिन वह हमेशा हमारे दिल में रहेंगे.

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