महाराष्ट्र: वसई कोविड सेंटर में लगी आग, आईसीयू में भर्ती 13 मरीजों की मौत, दो पहले नासिक में इसी तरह हुआ था हादसा

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Vasai Covid centre.

एक बार फिर से जीवन दायिनी मौत की वजह बन गई है. जहां लोग अपना इलाज कराने आते है अगर वहीं मौत की वजह बन जाए तो मरीज कहां जाए यह सवाल जरूरी है क्योंकि महाराष्ट्र के अस्तपाल इन दिनों मौत के सौदागर बन गए है. बीते शुक्रवार (22 अप्रैल) पालघर जिले वसई कोविड सेंटर में के आईसीयू में आग लगने से 13 मरीजों की मौत हो गई है. मरने वालों में 4 महिलाएं शामिल है. बता दें, हादसे के वक्त आईसीयू में 15 मरीज थे और पूरे अस्पताल में 90 मरीज अपना इलाज करा रहे थे. इनमें से ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 21 मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है.

Vasai Covid Centre

मिली जानकारी के मुताबिक आगजनी की घटना शुक्रवार तड़के 3.25 मिनट की है. हालांकि आग लगने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और महज एक घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया. आग लगने की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है. वहीं, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना है. घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं. वहीं, प्रधानमंत्री राहत कोश से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की है, साथ ही हादसे में गंभीर रुप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे.

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वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंद ने इस घटना को बड़ा हादसा बताया है, साथ ही कहा जो भी जिम्मेदार है उनपर कार्रवाई जाएगी. महाराष्ट्र सरकार ने जान गंवाने वालों के लिए 5- 5 लाख रुपए की घोषणा की है.

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दो दिन पहले ही नासिक में हुआ था इसी तरह का हादसा

महाराष्ट्र के नासिक में भी बुधवार (21 अप्रैल) को सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा हो गया था. यहां पर जाकिर हुसैन अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक लीक हो गया. इसे रिपेयर करने में 30 मिनट का वक्त लगा और इतनी देर ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी गई. इसके चलते 24 मरीजों की मौत हो गई थी. जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई रोकी गई, उस वक्त 171 मरीज ऑक्सीजन पर और 67 मरीज वेंटिलेटर पर थे.

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कोविड सेंटर में आग लगने की पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले रहा प्रशासन

मुंबई के भांडुप इलाके में पिछले महीने एक मॉल की तीसरी मंजिल पर बने कोविड हॉस्पिटल में रात करीब 12 बजे आग लग गई थी. हादसे में 10 लोगों की मौत हुई थी. हॉस्पिटल में भर्ती 70 मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया था और इन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया था.

पिछले साल 27 नवंबर को गुजरात के राजकोट जिले के एक कोविड अस्पताल में आग लगी थी. हादसे में पांच कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी. हॉस्पिटल में 33 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा था. मशीनरी में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया था.

पिछले साल 21 नवंबर को ग्वालियर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य के कोविड केयर सेंटर के आईसीयू में आग लग गई थी. वहां भर्ती 9 मरीजों में से 2 मामूली झुलस गए थे, लेकिन आग से मची अफरातफरी में दो मरीजों की मौत हो गई. एक वेंटिलेटर भी जल गया था.

पिछले साल ही 9 अगस्त में आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में एक होटल में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई थी. होटल को कोविड-19 फैसिलिटी सेंटर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. घटना के वक्त वहां 40 मरीज थे. मेडिकल स्टाफ के भी 10 लोग थे.

इससे 3 दिन पहले, यानी 6 अगस्त 2020 को गुजरात के अहमदाबाद के श्रेय कोविड अस्पताल में भी आग लगी थी. इस हादसे में 8 मरीजों की मौत हुई थी. इनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं थीं. आग अस्पताल की चौथी मंजिल पर लगी थी.

महाराष्ट्र में कोरोना के करीब 7 लाख एक्टिव केस

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे के अंदर 67,013 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. 62,298 लोग रिकवर हुए और 568 लोगों की मौत हो गई. अब तक राज्य में 40 लाख 94 हजार 840 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. इनमें 33 लाख 30 हजार 747 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 62 हजार 479 की मौत हो गई है. 6 लाख 99 हजार 858 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है.

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