दिल्लीः बिजली पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने 'आप' को घेरा, केंद्र की जिम्मेदारी कहकर केजरीवाल सरकार झाड़ रही अपना पल्ला

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार कहा कि भीष्ण गर्मी के मौसम में पावर प्लांट में कोयले की कमी से दिल्ली में बिजली संकट सप्ताह भर से उत्पन्न हो रहा है. दिल्ली को जिन पावर प्लांट से बिजली आपूर्ति होती है उसमें सिर्फ 3-4 दिन के कोयला स्टॉक ही बचा है जबकि आमतौर पर 17-26 दिनों तक का कोयले का स्टॉक होना चाहिए, उन्होंने कहा कि बिजली संकट में दिल्ली के मुख्यमंत्री पूरी तरह असहाय स्थिति जताकर केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे है.

अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में गर्मी ने 70 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है जिससे सभी दिल्लीवासी त्रस्त हैं, उन्होंने कहा कि बिजली संकट की भयावह स्थिति के बाद मुख्यमंत्री ठोस कार्यवाही करने की बात कह रहे है, उन्होंने बिजली संकट को दूर करने के लिए समय रहते कदम क्यों नही उठाया? 47 डिग्री की भीष्ण गर्मी में बिजली कटौती करना जनता पर कुठाराघात से कम नही है.

अनिल कुमार ने कहा कि कोविड महामारी की तरह केंद्र और दिल्ली सरकार बिजली संकट के मामले में भी देर से जागी है जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका नहीं है. जब कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण बिजली संकट हुआ हो, इससे पहले भी पिछले वर्ष 2021 के अगस्त और सितम्बर महीने में बिजली कंपनियों को कोयला संकट से जूझना पड़ा था, उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बिजली संकट होना मौजूदा केंद्र और राज्य सरकार की विफलताओं और गैर जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है.

अनिल कुमार ने कहा कि बिजली संकट से जूझ रहे दिल्लीवासियों की परेशानी को दूर करने की बजाय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यह बयान दे रहे है कि दूसरे राज्यों में बिजली संकट अधिक है वहां 10-12 घंटे की कटौती हो रही है, हम कुछ ना कुछ करके बिजली दे रहे है, उन्होंने कहा कि केजरीवाल को शायद दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों, पुर्नवासित कॉलोनियां, झुग्गी झौपड़ियों के बारे में जानकारी नहीं जहां 8-10 घंटे की कटौती की जा रही है, क्योंकि दिल्ली की बिजली आपूर्ति करने वाले तीन प्लांट दादरी, ऊंचाहार और कहलगांव में कोयले की कमी के कारण स्थिति संकट में है.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार कोयला संकट का समाधान ट्वीटर और बयान देकर निपाटारा करना चाहती है जबकि मुख्मंत्री केजरीवाल ने कोयला आपूर्ति पर किसी से कोई बैठक नही की है जबकि केंद्र सरकार के कोयला मंत्री कोरा झूठ बोल रहे है कि कोयला संकट है ही नहीं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली संकट दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए.

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