दिल्लीः MCD परिसीमन ड्राफ्ट पर कांग्रेस की आपत्ति! प्रदेशाध्यक्ष ने लिखा सुझाव पत्र, बोले-नहीं सुधरेगा, तो जाएंगे कोर्ट

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आज (बुधवार) निगम परिसीमन समिति के चैयरमेन विजय देव से मुलाकात की. इस दौरान दिल्ली नगर निगम के वार्ड परिसीमन पर कांग्रेस पार्टी की ओर से आपत्ति और सुझाव पत्र दिए. प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है, हमें एकतरफा हुए परिसीमन पर आपत्ति जताने का अधिकार है, उन्होंने बताया कि परिसीमन समिति के चैयरमेन विजय देव ने आश्वासन दिया है कि हम परिसीमन ड्राफ्ट में हुई त्रुटियों में सुधार करेंगे. अनिल कुमार ने कहा कि यदि निगम परिसीमन समिति ड्राफ्ट में सुधार नहीं करेगा, तो हम दिल्ली की जनता की बेहतरी के लिए न्यायालय भी जाएंगे.

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि निगम वार्ड परिसीमन अधिसूचना में प्रति वार्ड जनसंख्या औसतन 65 हजार और वार्ड में 10 प्रतिशत जनसंख्या कम या अधिक हो सकती है, स्पष्ट होने के बावजूद जब परिसीमन ड्राफ्ट सार्वजनिक हुआ तो उसमें 72 वार्ड ऐसे है जहां यह नियम लागू ही नहीं हुआ है, उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट में हैरानी की बात यह रही कि 32 वार्ड ऐसे बनाए है जिनकी जनसंख्या 80 हजार से अधिक है और 80 वार्डो में औसत जनसंख्या से 10 प्रतिशत से भी कम जनसंख्या है, उन्होंने कहा कि परिसीमन समिति ने सबसे कम जनसंख्या 35,509 का वार्ड किसी आधार पर बनाया है.

अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि परिसीमन समिति ने ड्राफ्ट बनाते समय भाजपा की जीत-हार को ध्यान में रखकर दलित और अल्पसंख्यक बहुल वार्डों की जनसंख्या को विभिन्न वार्डों में स्थानांतरित करके भाजपा के सहायता पहुंचाने के लिए परिसीमन ड्राफ्ट बनाकर इन समुदाय के लोगों की आवाज को दबाने का काम किया गया है. प्रदेश अध्यक्ष ने परिसीमन ड्राफ्ट पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि 272 वार्डों की संख्या कम करके 250 वार्ड निर्धारित किए गए. उसमें दिल्ली की सिर्फ 23 विधानसभाओं में परिसीमन हो सकता था परंतु ड्राफ्ट परिसीमन को देखने के बाद सामने आया कि परिसीमन सभी 70 विधानसभाओं में मनमाने ढ़ंग से, बिना तर्क के पूरी तरह से भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए प्रक्रिया अपनाई गई है.

अनिल कुमार ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि न्यूनतम 3 वार्ड की शर्त को रखकर दलित बहुल विधानसभाओं जैसे कांडली, त्रिलोकपुरी, मंगोलपुरी सीमापुरी, मादीपुर में से एक-एक वार्ड की संख्या ही कम कर दी है, जबकि भाजपा के विधायक वाली विधानसभा जैसे विश्वास नगर और मनीष सिसोदिया की विधानसभा पटपड़गंज विधानसभा में एक-एक वार्ड बढ़ा दिया गया है और कुछ विधानसभा ऐसी है जिनमें जनसंख्या के आधार पर वार्ड कम कर दिए है और संगम विहार -ए वार्ड को 89,999, मयूर विहार फेस-1 को 93,382 और त्रिलोकपुरी वार्ड को 91,991 की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है.

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वार्डों के परिसीमन में जनसंख्या निर्धारण, वार्डों की सीमाओं और वर्ग विभाजन एक तरफा सोच के साथ किया गया है. वार्डों के प्राकृतिक बाउंड्री के विचार को ताक पर रखा गया है, वार्ड निर्धारण के समय वार्डों के ई.बी. एक दूसरे के साथ सटाकर रखे गए है. उन्होंने कहा कि परिसीमन ड्राफ्ट में अनुसूचित जातियों के लिए 42 वार्ड आरक्षित किए है, उन्होंने कहा आरक्षित वार्डों का निर्धारण न्याय संगत और सामान्य जनसंख्या की भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए और परिसीमन प्रक्रिया न्याय व तर्क संगत और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए.

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