दिल्लीः मनीष सिसोदिया पर CBI की कार्रवाई पर कांग्रेस का हमला, कहा- हमने पहले ही कहा था कि नई शराब नीति में हुआ भ्रष्टाचार

0
114

नई आबकारी नीति मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की कार्रवाई पर दिल्ली प्रदेश के कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर CBI की छापेमारी आज दिल्ली कांग्रेस के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है. क्योंकि जब से नई शराब नीति लागू की गई थी. हम उसी दिन से शराब घोटाले की जांच की मांग कर रहे थे, क्योंकि घोटाले में सिसोदिया की बहुत अहम भूमिका है, उन्होंने कहा कि नई शराब नीति के खिलाफ सिसोदिया पर CBI की छापेमारी पहले से तेज होना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अथक विरोध का ही प्रमाण है.

प्रदेशाध्यक्ष अनिल कुमार ने CBI की छापेमारी की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल से घोटाले के संबंध में सहायक साक्ष्य के साथ भ्रष्टाचार की सीमा और सिसोदिया की भूमिका का पता लगाने के लिए शिकायत की थी और सिसोदिया के आवास पर CBI जांच की मांग की थी, उन्होंने कहा कि सिसोदिया शराब सौदों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रॉक्सी है, उन्होंने कहा कि दिल्ली को नशे की राजधानी बनाने के लिए अन्ना हजारे को पत्र लिखकर केजरीवाल पर शराब के इस खतरनाक कारोबार को रोकने के लिए दबाव बनाने को कहा था.

अनिल कुमार ने कहा कि CBI को शराब घोटाले में दीप मल्होत्रा और पंजाब सरकार के कनेक्शन की जांच करनी चाहिए, और यह भी जांच करनी चाहिए कि 18 विधानसभा क्षेत्रों में व गैर-पुष्टि क्षेत्रों में शराब की दुकानें कैसे खोली गईं?, भाजपा सांसदों और विधायकों ने शिकायत क्यों नहीं की? नियमों और विनियमों के खुलेआम उल्लंघन के खिलाफ शिकायत क्यों नहीं हुई? और छात्रों और युवाओं के जीवन को बर्बाद करने के लिए पीने की उम्र को कम क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि सिसोदिया ने बिना कैबिनेट की अनुमति के नई शराब नीति लागू की थी.

अनिल कुमार ने कहा कि जब दिल्ली की जनता कोविड-19 महामारी की पीड़ा से जूझ रही थी और मेडिकल ऑक्सीजन, अस्पतालों में बिस्तर और दवाओं की कमी के कारण हजारों लोगों की मौत हो रही थी, तो उस वक्त केजरीवाल और सिसोदिया शराब माफिया के साथ मिलकर नई शराब पेश करने की रणनीति बना रहे थे, जिस नीति के तहत केजरीवाल और सिसोदिया को हजारों करोड़ रुपए रिश्वत में मिले.

अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल, जो अब लगातार मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की बात करते हैं, उन्होंने खुद पिछले 8 वर्षों से इसे दिल्ली में लागू करने की जहमत नहीं उठाई, जो स्पष्ट रूप से उनके दोहरेपन को उजागर करता है क्योंकि उनकी कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपने राजनीतिक फायदें के लिए दिल्ली की जनता को गुमराह करके वोट बैंक की राजनीति कर रहे है.

अनिल कुमार आश्चर्य वयक्त करते हुऐ कहा कि आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया, जो कि शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, ने विनाशकारी नई शराब नीति को बिना नियम-विनियम के लागू करने की पहल की, जिससे न केवल युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को अपूरणीय क्षति हुई बल्कि भारत का भविष्य कहे जाने वाले आज के युवाओं को अन्धकार की ओर धकेल दिया है, और तो और केजरीवाल ने शराब पीने की उम्र भी कम कर दी और साथ ही शराब की दुकानों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अंधाधुंध रियायतें भी दी गईं. चौ. अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल के इस प्रकार के रवैय से यह साफ हो जाता है कि वें दिल्ली की जनता के प्रति कितने जागरूक है या उन्हें दिल्ली की जनता की कितनी चिन्ता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here