तमिलनाडु: हेलिकॉप्टर दुर्घटना में देश के चीफ ऑफ दि डिफेंस स्टॉफ सीडीएस विपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन

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भगवती प्रसाद डोभाल (वरिष्ठ पत्रकार)

आज दिन में सेना का हेलिकॉप्टर सीडीएस विपिन रावत और पत्नी मधुलिका सहित 11 सेना के ऑफिसर्स को तमिलनाडु ले जाते हुए चौपर पर हवा में आग लगने से मृत्यु हो गई. विमान में 15 लोग सवार थे.

पहले चीफ ऑफ दि डिफेंस स्टाफ विपिन रावत

विपिन रावत देश के पहले सीडीएस थे. इनकी कमान में तीनों सेनाएं थी. देश की सुरक्षा की बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाते हुए इस अचानक हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया. इनकी नियुक्त इस पद के लिए तीन वर्षों के लिए हुई थी. सेना के एक काबिल आफिसर्स का इस तरह से जाना इस समय बहुत दुःखद समाचार है. भारतीय वायु सेना ने सीडीएस विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका की मृत्यु के समाचार की पुष्टि की है. यह हादसा कुनूर जिले में नीलगिरी की पहाड़ियों में तमिलनाडु में हुआ, उस वक्त चौपर में 15 सदस्यों का दल यात्रा कर रहा था. अचानक हवा में चौपर ने आग पकड़ी और कुछ ही मिनटों में चौपर राख में तब्दील हो गया. आग बुझाने में स्थानीय लोगों ने मदद की. डेढ़ घंटे बाद ही आग पर काबू पा सके. चौपर पर सवार सभी व्यक्तियों की और एक बचे हुए सैनिक की सिनाख्त कल तक हो पाएगी. एक ऑफिसर, और चौपर का पायलेट वरुण सिंह 80 प्रतिशत जला हुआ अस्पताल में भर्ती है.

प्रधानमंत्री ने राजनीतिक अफेयर्स कैबनेट कमेटी की मीटिंग तुरंत अपने घर में की. केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ सेनाधिकारी सीडीएस विपिन रावत के घर गए.

प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि सीडीएस रावत रक्षा के विभिन्न सुधारों के लिए काम कर रहे थे. उनके पास सेना में काम करने का बहुत अच्छा अनुभव था. भारत उनके किए गए अति विशिष्ठ कार्यों को कभी नहीं भुला सकता. आगे कहते हैं-जनरल विपिन रावत आउट स्टैंडिंग सैनिक थे. एक सच्चे देश भक्त थे. वह भारतीय सेना का आधुनिकीकरण करने में व्यस्त थे और सुरक्षा उपकरणों को दुरस्त करने का कार्य कर रहे थे.
उनके जाने से मुझे भारी क्षति हुई है. ओम शांति प्रधानमंत्री.

उत्तराखंड का वीर सपूत

उत्तराखंड ने देश को हमेशा, देश की रक्षा के लिए अपने वीर सपूतों को जन्म दिया. युद्ध में जान की बाजी लगाकर देश रक्षा में हमेशा आगे रहे. इसी श्रेणी में सीडीएस रावत आते हैं. उनकी देश की रक्षा के लिए किए गए तीनों सेनाओं के लिए सुधार, आने वाले समय में सुरक्षा कवच का काम करेगा. उनके इस सपने को पूरा करने के लिए जनरल रावत-जैसे रणकौशल वाले व्यक्ति की जरूरत है.

जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और मृत्यु को वरण करने वाले सभी सैनिकों को हमारा सलाम.

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