कोरोना की रफ्तार बेकाबू, पूर्व कानून मंत्री की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, दखल दीजिए और देश बचाईए

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Covid 19

कोरोना की दूसरी लहर हिंदुस्तान में लगातार अपना कहर बरपा रही है. बीते 24 घंटे में 2.34 लाख से अधिक नए कोरोना मरीज मिले और 1,341 लोगों की संक्रमण के चलते जान चली गई है. इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से दखल की गुहार लगाई है. पूर्व कानून मंत्री ने शीर्ष अदालत को पत्र लिखकर परिस्थिति से निपटने के लिए खुद संज्ञान ले हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. कुमार ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) को लिखे पत्र में सभी धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है.

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अश्विनी कुमार ने सीजेआई को भेजे खत में लिखा है, ‘मानव जीवन पर खतरे की गंभीरता को देखते हुए इस अदालत की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों की जिंदगी की रक्षा और सुरक्षा करे. अदालत स्वत: संज्ञान लेकर केंद्र और राज्यों को राजनीतिक रैलियों, विरोध प्रदर्शनों, धार्मिक और अन्य उत्सवों में 50 से अधिक लोगों के समागम पर स्थिति नियंत्रित होने तक प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी कर सकती है.’

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कुमार ने कोविड-19 टीके के निर्यात को प्रतिबंधित करने और संक्रमण के खिलाफ प्रभावी होने पर टीके का आयात करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, ‘अदालत स्वत- संज्ञान लेकर सभी आयु वर्गों के लोगों को जहां तक संभव हो टीका देने का निर्देश दे सकती है लेकिन खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर लोगों को.’

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पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि शीर्ष अदालत को देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से मानव जीवन पर आए असमान्य खतरे पर न्यायिक संज्ञान लेना चाहिए. कुमार ने उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेले का हवाला देते हुए इसे संक्रमण फैलाने वाला करार दिया जहां पर करीब दो हजार लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इसके अलावा उन्होंने कोविड-19 नियमों की कथित धज्जिया उड़ा चुनावी राज्यों में हो रही राजनीतक रैलियों का भी हवाला दिया.

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