कोरोना का इंपेक्ट: भारतीय होटल इंडस्ट्री को हुआ तगड़ा नुकसान, जानिए क्या चाहते हैं सरकार से

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कोरोना महामारी का बुरा असर लोगों की जिंदगी के साथ-साथ व्यापार पर भी पड़ा है। यानि की लोगों को कोरोना की वजह से चौतरफा मार पड़ रही है। ऐसे में हर कोई अपने आप को मजबूर और असहाय महसूस कर रहा है। छोटे व्यापारी से लेकर बड़े व्यापारियों को लाखों-करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है।

इस महामारी की वजह से देश की होटल इंडस्ट्री आर्थिक मार झेल रही है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय होटल इंडस्ट्री को 1.30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अब ऐसे हालातों में नुकसान की मार झेल रहे व्यापारी पीएम मोदी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। FHRAI ने प्रधानमंत्री और कई अन्य मंत्रियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में एसोसिएशन ने सरकार से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बचाने और वित्तीय उपाय करने का आग्रह किया है।

FHRAI ने बयान में कहा है कि कोरोबार तेजी से बंद हो रहे हैं। नुकसान के आंकड़े के अनुसार इंडस्ट्री के रेवेन्यू में 75% की कमी आई है। इस प्रकार इंडस्ट्री को 1.30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। कारोबार तेजी से बंद हो रहे हैं ,जिसके कारण लोग लोन चुकाने में असमर्थ है। लोन नहीं चुका पाने के कारण नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स यानी NPA बढ़ रहा है।

संक्रमण के बढ़ते कहर के बीच आर्थिक हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं कि ईएमआई और ब्याज के भुकतान पर मोरेटोरियम के बिना यह सेक्टर पूरी तरह से तबाह की राह पर है।

इस सेक्टर से जुड़े लोगों ने सरकार से आग्रह किया है कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए विशेष पॉलिसी लेकर आए ताकि प्रतिकूल वित्तीय प्रभावों को कम किया जा सके। FHRAI का मानना है कि अब सरकार को इस सेक्टर को प्राथमिकता देनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया गया तो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर फिर से पटरी पर नहीं लौट पाएगा।

सरकार से लॉकडाउन की अवधि के लिए हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर चार्ज, बिजली चार्ज और एक्साइज लाइसेंस फीस माफ कर देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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