80 सेकंड में इलेक्ट्रिक नाक से होगी कोरोना की जांच, रियलटाइम में 94 फीसदी तक सटीक परिणाम देने का दावा!

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कोरोना काल का साया अपने बढ़ते कहर से कुछ हद तक कम हुआ है, लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है। ऐसे में हमें और सचेत रहने की जरुरत है। अगर कोरोना के हल्के लक्षणों का भी असर देखने को मिले तो बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी है। सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लें और फौरन कोरोना टैस्ट करवाएं।

कोरोना टैस्ट को लेकर भारत में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। RT-PCR के लिए लंबी लाइन की कतार आपको कोरोना ना होने पर भी कोरोना होने के डर का अहसास दिलाती है। रिपोर्ट का देरी से आना इश तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। सोचिए अगर इन समस्याओं से निपटने के लिए कोई ऐसी तकनीक आ जाए जिसमें कम समय में टैस्ट हो जाए। भारत का तो पता नहीं पर बाहरी देश से इस पर एक खबर है।

खबर है इजराइल से जहां के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक का आविष्कार किया है। कोरोना की जांच करवाना और करना दोनों हो जाएगा आसान। अब 'इलेक्ट्रिक नाक' से कोरोना की जांच की जा सकेगी। मरीज को इस 'इलेक्ट्रिक नाक' को सिर्फ नाक से लगाकर सूंघना होगा और मात्र 80 सेकंड में रिपोर्ट आपको सामने आ जाएगी। वैज्ञानिकों का इस नई तकनीक पर ये भी दावा है कि कोरोना की नई जांच से 94 फीसदी तक सटीक रिपोर्ट मिलती है।

इस जांच को तैयार करने वाले इजरायल के विजमैन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है, यह 3डी-प्रिंटेड इलेक्ट्रिक नोज है। इसे कोरोना के मरीजों की नाक में लगाया जाता है। मरीज की नाक में मौजूद रसायन की खुशबू की जांच करने के बाद इलेक्ट्रिक नोज बताती है, मरीज पॉजिटिव है या नहीं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस इलेक्ट्रिक नोज को पेन-3 नाम दिया गया है। इलेक्ट्रिक नोज एक लम्बी ट्यूब से मिलकर बनी है। इसमें खास तरह के सेंसर लगे हैं जो नाक में मौजूद वायरस का पता लगाते हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है, इससे कोरोना की रियलटाइम जांच की जा सकती है और 94 फीसदी तक सटीक परिणाम पता चलते हैं। खबर लिखने तक पेन-3 की मदद से 503 लोगों की जांच की गई। जिसमें से 27 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

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