हिंदुस्तान में कुंभ और राजनीतिक गतिविधियों की वजह से फैला कोरोना, WHO ने जारी की रिपोर्ट

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Corona spread due to Kumbh

हिंदुस्तान में कोरोना के मामले मई में कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. पिछले 24 घंटों में 3.62 लाख से ज्यादा केस दर्ज किए गए और मरने वालों का आंकड़ा 4.1 हजार के पार पहुंच गया. वहीं हिंदुस्तान में कोरोना के बढ़ते इन मामलों का जिम्मेदार कौन है ये बात हर कोई जानना चाहता है. जिसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने का दो प्रमुख वजह बताई है एक तो अप्रैल 2021 में हुए पांच राज्यों के चुनाव और दूसरा हरिद्वार में आयोजित कुंभ. दरअसल, कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की तरफ से 12 मई को एक कोरोना अपडेट रिपोर्ट जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि हिंदुस्तान में कोरोना संक्रमण बढ़ने के पीछे कई संभावित वजह हैं.

हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने किसी इवेंट का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि कई धार्मिक और राजनीतिक इवेंट्स में भारी भीड़ जुटना भी संक्रमण बढ़ने की वजहों में शामिल है. इन इवेंट्स में कोताही बरती गई. डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि संक्रमण बढ़ने में इन फैक्टर्स की कितनी भूमिका रही, इस बारे में स्थिति साफ नहीं है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि भारत में कोरोना का B.1.617 वैरिएंट पहले बार अक्टूबर 2020 में सामने आया था. यहां कोरोना के मामलों और मौतों में दोबारा उठने से B.1.617 और B.1.1.7 जैसे कुछ दूसरे वैरिएंट्स को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.

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बता दें, मार्च और अप्रैल के महीने से भारत में कोरोना को लेकर लापरवाही देखी गई. डब्ल्यूएचओ जो धार्मिक गतिविधियों के बारे में जिक्र कर रहा है वो है कुंभ. जो उत्तराखंड में पूरे ताम झाम के साथ शुरू हुआ और राजनीतिक गतिविधियां से मतलब हुआ देश में 5 राज्यों के चुनाव पश्चिम बंगाल, असम, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु और केरल हैं.

कुंभ का कोरोना पर क्या असर हुआ उसे आप इस तरह से जान सकते हैं कि उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित और मौत के मामले थम नहीं रहे हैं. बीते 24 घंटे में प्रदेश में 7749 नए संक्रमित मिले, जबकि 109 मरीजों की मौत हुई. कुल संक्रमितों की संख्या 2,64,683 हो गई है.

कोरोना पर स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड के दो जिले देहरादून और हरिद्वार इस वक्त सबसे ज्यादा कोरोना का दंश झेल रहे हैं. बता दें, 11 मार्च को हरिद्वार कुंभ का धूम धाम से आयोजन हुआ था. अब देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 2,352 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं और हरिद्वार में 913 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा कोरोना राज्य के हर जिले में पैर पसार रहा है. 31 मार्च से 24 अप्रैल के बीच राज्य में 1,800 प्रतिशत कोरोना के केस में बढ़ोतरी हुई.

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वहीं, बात करें चुनावों करें तो देश के कई राज्य जहां पर कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे थे वहां अब कोरोना के केस लगातार घट रहे हैं. जिसमें महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य शामिल हैं लेकिन 6 राज्य ऐसे हैं जिनकी वजह से देश की सांसे थम गई हैं और इन 6 राज्यों में 5 राज्य वो हैं जहां अप्रैल के महीने में चुनावी रैलियां हुई और चुनाव संपन्न हुए.

केरल में तो एक दिन में अबतक के सबसे ज्यादा 43,529 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 19,80,879 हो गए. 95 मरीजों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 6,053 हो गई.

असम, पश्चिम बंगाल, पुद्दुचेरी, केरल, तमिलनाडु के साथ साथ पंजाब में भी केस एक बार फिर से लगातार बढ़ रहे हैं. खुद सरकार ने भी यह माना है कि जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं वहां अब कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आई है. इन राज्यों में कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी. इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए कोरोना के बढ़ते रूपों को भी जिम्मेदार ठहहराया. जिससे कोरोना के बाद मौतों के आंकड़े में इजाफा हुआ.

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हिंदुस्तान में इस वक्त हर दिन सबसे ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं और सर्वाधिक मौतें हो रही हैं जो पूरी दुनिया में सर्वाधिक है. रॉयर्ट्स के कोरोना ट्रैकर के मुताबिक, पूरी दुनिया में हो रही हर तीसरी मौत भारत में हो रही है. भारत में हर दिन औसतन 3800 मौतें हो रही हैं जबकि पूरी दुनिया में हर दिन लगभग 12 हजार मौतें हो रही हैं.

दुनियाभर में कोरोना की स्थिति को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि पिछले हफ्ते संक्रमण के नए मामलों और मौतों में थोड़ी कमी आई है. इस दौरान 55 लाख नए केस आए और 90,000 लोगों की जान गई. कुल केसों में 50 प्रतिशत मामले और 30 प्रतिशत मौतें भारत में हुईं. पिछले हफ्ते साउथ-ईस्ट एशिया के कुल मामलों में से 95 प्रतिशत भारत के थे और कुल मौतों में से 93 प्रतिशत हिंदुस्तान में हुई थीं.

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