कांग्रेस का केजरीवाल सरकार पर हमला, पूर्वांचलियों और दलितों की आस्था के साथ ना करें खिलवाड़

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छठ पूजा को लेकर राजधानी दिल्ली की सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने केजरीवाल सरकार पर पूर्वांचलियों और दलितों की आस्था पर खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. अनिल कुमार ने कहा कि छठ पूर्वाचंल वासियों के लिए सबसे बड़ा आस्था का महापर्व है. पूरे देश में धूमधाम से छठ मनाया जाएगा.

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चाहते है कि पूर्वाचंली दिल्ली में छठ पर्व ना मनाऐ. जबकि महर्षि वाल्मीकि जन्मोत्सव कमेटी के बाल्मीकि जयंती पर शोभा यात्रा के 28 सितंबर 2021 के आवेदन को दिल्ली सरकार ने अभी तक लंबित रखा हुआ है और इसकी मंजूरी के लिए कोई आश्वासन नहीं मिला है, उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल पूर्वाचंलियों और दलितों की आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करें. इस सिलसिले में अनिल कुमार ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मांग की है कि दिल्ली सरकार के आदेश को उपराज्यपाल तुरंत प्रभाव से निरस्त करें.

वहीं, अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि जब शराब के ठेके, शादियां, बस, यातायात, साप्ताहिक बाजार, सिनेमा हाल को कोविड प्रोटोकाल के तहत खोलने की इजाजत दी गई, तो फिर दिल्ली सरकार ने कोरोना फैलने के खतरे से छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन की पांबदी क्यों लगाई है, उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की रथ यात्रा, जन आर्शीवाद यात्रा पर दिल्ली सरकार ने कोविड खतरे के तहत पाबंदी क्यों नही लगाई? उन्होंने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और भाजपा दोनों छठ जैसे आस्था के पर्व पर रोक लगाकर प्रवासी पूर्वाचंलियों की छठ पर सामने आने वाली एकता को कुचलने की साजिश रच रहे हैं.

अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछा कि जब रामलीला, दशहरा, दूर्गा पूजा को मनाने पर दिल्ली सरकार ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, तो फिर केजरीवाल छठ पर्व पर प्रतिबंध क्यों लगा रहे हैं, उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां गणेश चतुर्थी पूजा करके यमुना घाट पर आयोजित करके उसका गोवा में सीधा प्रसारण चुनावी फायदा उठाने के लिए किया गया, जबकि पिछले वर्ष अक्षरधाम मंदिर में सार्वजनिक दीपवली पूजन करके 6 करोड़ रुपए खर्च किए, यह सब कोविड काल में ही किया गया.

अनिल कुमार ने मांग की कि छठ प्रतिबंध वाले आदेश को उपराज्यपाल निरस्त करके अपने अधिकारों का प्रयोग करके छठ पूजा के आयोजन की इजाजत दी जाए और विशेष गाईड लाइन के लिए एस.ओ.पी. बनें जिसके तहत छठ घाटों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए ताकि पूजा अर्चना के सोशल डिस्टेनसिंग के नियमों का पालन हो सके, उन्होंने कहा कि सरकार छठ घाटों पर पूजा करने की मंजूरी देने से पहले सुनिश्चित कर सकती है कि आर.टी.- पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट श्रद्धालुओं के पास हो. इसके लिए दिल्ली सरकार मुफ्त टेस्टिंग की सुविधा भी मुहैया करा सकती है.

अनिल कुमार ने कहा कि वाल्मीकि जयंती पूरे देश सहित दिल्ली में प्रतिवर्ष बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है जिसके लिए दिल्ली सरकार के समक्ष महर्षि वाल्मीकि जन्मोत्सव कमेटी, दिल्ली प्रदेश द्वारा 28 सितंबर 2021 को शोभा यात्रा के आयोजन के लिए आवेदन किया हुआ है परंतु धार्मिक असंवेदनशीलता के प्रतीक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोभा यात्रा की इजाजत के लिए अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नही किए है, उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था पर दोहरा चरित्र निर्वहन करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जहां वे दलितों की सहानूभूति प्राप्त करके दिल्ली की सत्ता में आए थे, वहीं कोरोना के खतरे की आड़ में धार्मिक आयोजनों विशेषकर दलितों की आस्था से जुड़ी बाल्मीकि शोभा यात्रा पर इजाजत नहीं देकर उनके साथ धोखा कर रहे है, उन्होंने वाल्मीकि प्रकोटत्सव कमेटी की ओर से कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार अगर 20 अक्टूबर को शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं देगी तब भी कमेटी बाल्मीकि जयंती पर शोभा यात्रा का आयोजन करेगी, क्योंकि यह हमारी आस्था से जुड़ा हुआ है जो हमारा अधिकार भी है, उन्होंने कहा कि अगर बाल्मीकि जयंती पर शोभा यात्रा के आयोजन की सहमति नहीं दी गई तो जल्द ही दलित संगठनों के साथ दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे.

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