बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत की गिरफ्तारी पर 22 मार्च तक लगाई रोक, जानिए पूरा मामला

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बॉलीवुड की धाकड़ गर्ल कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली पर लगे देशद्रोह केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दी है. अदालत ने कंगना और उनकी बहन रंगोली की गिरफ्तारी पर फिलहाल 22 मार्च तक रोक लगा दी है. अदालत ने कंगना और रंगोली पर लगे देशद्रोह मामले में तलब किया है अदालत देखना चाहती है कि इस मामले में दर्ज हुई शिकायतों में क्या कहा गया है. बता दे, बांद्रा अदालत ने कंगना के खिलाफ जांच करने का आदेश मुंबई पुलिस को दिया था लेकिन कंगना हाईकोर्ट चली गई थीं तो हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.

दरअसल, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के आरोप में कंगना और उनकी बहन रंगोली पर देशद्रोह का केस बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था जिसके खिलाफ कंगना ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और एफआईआर रद्द करने की मांग की थी लेकिन 11 जनवरी की सुनवाई में अदालत ने 25 जनवरी तक मामला टाल दिया था.

इसके बाद हुई सुनवाई में कंगना रनौत ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि उनके किसी भी ट्वीट से कोई हिंसा नहीं भड़की है और ना ही उनकी वजह से कोई आपराधिक गतिविधिया हुई है. फिर अदालत ने इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी तक टाल दी थी और अगली सुनवाई के लिए 26 फरवरी का वक्त दिया था और तब तक के लिए कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. अब एक बार फिर से अदालत ने इस मामले की सुनावई करते हुए कंगना और उनकी बहन को राहत दी है और हाईकोर्ट ने बांद्रा कोर्ट से रिकॉर्ड मंगवाने का आदेश दिया.


जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के आरोप में मुंबई की एक कोर्ट ने कंगना के खिलाफ बांद्रा पुलिस को जांच के आदेश दिए थे. जिसके खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कंगना के वकील ने कोर्ट में कहा था कि वो और उनकी बहन रंगोली दोनों 8 जनवरी को 12 बजे से 2 बजे के बीच खुद बांद्रा पुलिस स्टेशन में आकर अपना बयान दर्ज कराएंगी. कंगना और रंगोली ब्रांद्रा पुलिस स्टेशन में पेश भी हुई थीं लेकिन पुलिस उस दिन अपनी जांच पूरी नहीं कर सकी थी.

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 8 जनवरी तक कंगना की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और ये भी कहा था कि कंगना खुद जाकर पुलिस में अपना बयान दर्ज करवाएंगी. कोर्ट के आदेश को मानते हुए कंगना 8 जनवरी को बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंची थीं जहां करीब 3 घंटे उनसे पूछताछ हुई. कंगना के 100 से ज़्यादा ट्वीट्स पर पुलिस की नजर है. पुलिस इन सारे ट्वीट्स के बारे में पूछताछ करना चाहती है. 8 जनवरी को सिर्फ 4-5 ट्वीट्स के बारे में ही पुलिस पूछताछ कर पाई. ऐसे में पुलिस कंगना को जल्द ही फिर बुला सकती है.


कंगना एक बार हो चुकी हैं पेश

सरकारी अभियोजक दीपक ठाकरे ने सोमवार को अदालत को सूचित किया कि याचिकाकर्ता 8 जनवरी को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक पुलिस के समक्ष पेश हुई थीं. ठाकरे ने कहा, ‘‘रनौत हमारे पूछताछ पूरी करने से पहले ही यह दावा करते हुए चली गई कि उनकी पेशेवर प्रतिबद्धताएं हैं. हम पूछताछ के लिए उन्हें फिर बुलाएंगे. सहयोग करने में क्या गलत है.’’ इस पर न्यायमूर्ति पितले ने कहा, ‘‘रनौत दो घंटे तक रहीं. क्या यह काफी नहीं है? आपको सहयोग के लिए और कितने घंटे चाहिए?’’

तब ठाकरे ने कहा कि पुलिस उनसे तीन और दिन तक पूछताछ करना चाहती है. शिकायतकर्ता साहिल अशरफ अली सैयद की ओर से वकील रिजवान मर्चेंट ने याचिका पर जवाब देने के लिए हलफनामा दाखिल करने के लिहाज से और वक्त मांगा. तब अदालत ने मामले में सुनवाई 25 जनवरी तक स्थगित कर दी.

अदालत ने कहा, ‘‘तब तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की अंतरिम राहत भी जारी रहेगी. पुलिस तब तक याचिकाकर्ताओं को नहीं बुलाएगी.’’

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