गुलशन कुमार हत्याकांड: दोषी अब्दुल राशिद पर बॉम्बे HC का फैसला बरकरार, रमेश तौरानी रिहा

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मशूहर गीतकार और म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्याकांड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (1 जुलाई) को अपना फैसला सुनाया है. अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊत इब्राहिम के गुर्गे अब्दुल राशिद की ताउम्र कारावास की सजा को बरकरार रखा है और वहीं इस मामले में दूसरे आरोपी रमेश तौरानी को अदालत ने रिहा कर दिया है.

बता दें, गुलशल कुमार हत्याकांड मामले में अदालत ने अब्दुल राशिद को दोषी करार दिया है, जिससे पहले सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया था महाराष्ट्र सरकार ने सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अब्दुल राशिद के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. अब्दुल राशिद को आईपीसी की धारा 302, 307 और 34 के तहत अब्दुल राशिद को दोषी पाया गया. इसी आधार पर अदालत ने उसकी ताउम्र की सजा को बरकरार रखा है. मालूम हो कि गुलशन कुमार की हत्या का दोषी अब्दुल राशिद इस वक्त फरार चल रहा है पैरोल पर रिहा होने के बाद से फरार है.

12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार की हई थी हत्या

बता दें, गुलशन कुमार की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब 12 अगस्त 1997 को वो जीतेश्वर महादेव मंदिर से दर्शन करके अपने घर को लौट रहे थे तभी मंदिर के बार अचानक उनपर बदमाशों ने ताबातोड़ गोलियां चला दी. मौके-ए-वारदात पर ही गुलशन कुमार ने दम तोड़ दिया. उनके शरीर में करीब 16 कारतूस मिले थे उनकी हत्या इसलिए कर दी गई थी क्योंकि 90 के दशक में गुलशन कुमार कैसेट की दुनिया में किंग बन चुके थे और गुलशन कुमार का बढ़ता कद देखकर और नदीम कुमार बौखलाए गए और गुलशन कुमार की सुपारी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को दे दी. फिर दाऊद इब्राहिम के इशारे पर अबू सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी, जिसे उन्हें देने से इंकार कर दिया था. गुलशन कुमार का इंकार अबू सलेम को रास नहीं आया और उसने हत्या की फुलफ्रू प्लानिंग की और वक्त का इंतजार करता रहा करीब पांच के बाद अबू सलेम ने अपने शार्प शूटरों के जरिए गुलशन कुमार की हत्याकांड को अंजाम दे दिया.

2002 में अब्दुल राशिद को सुनाई गई थी ताउम्र की सजा

दाऊद इब्राहिम के गुर्गे अब्दुल राशिद को साल 2002 में गुलशन कुमार की हत्या का आरोपी पाया गया और उसे ताउम्र कारावास की सजा सुनाई गई थी. साल 2009 में बीमार मां से मिलने के लिए उसे पैरोल मिली थी, लेकिन पैरोल मिलने के बाद वह फर्जी पासपोर्ट बनवाकर बांग्लादेश भाग गया. जिसे बाद में बांग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. अदालत ने अब्दुल राशिद को एक हफ्ते के भीतर पुलिस के सामने सरेंडर करना को कहा है उसे अपना पासपोर्ट भी पुलिस स्टेशन में जमा करना होगा. अगर ऐसा नहीं करता है, तो सेशन कोर्ट उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर सकता है और उसकी कस्टडी ले सकता है.

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