बड़ी खबर: ‘संविधान दिवस’ में हिस्सा नहीं लेगी कांग्रेस, ‘शाह’ से मिलेंगे अमस और मिजोरम के CM, सुलझेगा सीमा विवाद

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26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ पर संसद हॉल में कार्यक्रम, कांग्रेस नहीं लेगी हिस्सा

26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के खास मौके पर संसद के सेंटल हॉल में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत एक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है. जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नाडयू, लोकसभा अध्यक्ष ओम प्रकाश बिरला और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शामिल हो रहे है और यह कार्य शुक्रवार होगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने संसद भवन में होने वाले इस कार्यक्रम हिस्सा नहीं लेगी. दरअसल, 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में उठने वाले मुद्दों और मोदी सरकार को घेरने की रणनीति के लिए कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोक सभा और राज्य सभा के वरिष्ठ सांसदों के साथ बैठक की. इस बैठक में सोनिया गांधी ने निर्णय लिया की शुक्रवार को होने वाले संविधान दिवस कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगी. क्योंकि मोदी सरकार वहीं कांग्रेस के साथ ही कुछ राजनीतिक दल भी इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर सकते है.

मिजोरम और असम के CM का दिल्ली दौरा, ‘शाह’ से आज मिलेंगे

असम और मिजोरम के बीच लंबे समय से चले रहे सीमा विवाद पर पूर्ण विराम लगने वाला है. दरअसल, केंद्र सरकार ने असम और मिजोरम के सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों सीएम को दिल्ली बुलाया है. गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा दिल्ली पहुंचे. दोनों मुख्यमंत्रियों ने राजधानी के असम हाउस में एक साथ रात्रिभोज किया. दोनों सीएम शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे. उम्मीद है कि असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद पर सार्थक चर्चा होगी.

मेघालय में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत पार्टी के 12 विधायक TMC में शामिल

ममता बनर्जी ने मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. यहां पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत पार्टी के 12 विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया. बता दें, मेघालय में कांग्रेस के 17 विधायक चुने गए थे. मेघालय में बिना चुनाव लड़े ही TMC मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है. चूंकि पार्टी के दो तिहाई से ज्यादा विधायकों ने पाला बदला है. ऐसे में उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा.

भागवत बोले- विभाजन से कोई खुश नहीं, इसे रद्द करना जरूरी

भारत के विभाजन पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि विभाजन कोई समाधान नहीं था. ना तो भारत इससे खुश है, ना ही इस्लाम के नाम पर इसकी मांग करने वाले. मातृभूमि का विभाजन कभी ना मिटने वाली वेदना है, ये दर्द तब खत्म होगा जब विभाजन निरस्त होगा. ये नारों का विषय नहीं है, नारे तब भी लगते थे लेकिन विभाजन हुआ. ये सोचने का विषय है.

कानपुर टेस्ट के पहले दिन भारत का स्कोर 258/4

भारत और न्यूजीलैंड के बीच कानपुर में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने 4 विकेट खोकर 258 रन बना लिए. डेब्यू कर रहे श्रेयस अय्यर 75 और रवींद्र जडेजा 50 रन बनाकर नाबाद हैं. टीम इंडिया ने अपने पहले चार विकेट 145 के स्कोर पर गंवा दिए थे. 5वें विकेट के लिए अय्यर और रवींद्र जडेजा ने 113 रन जोड़कर पारी संभाल ली.

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