‘इमरान’ से नहीं मिलने वाले ‘बाइडेन’ अब ‘शरीफ’ से करेंगे मुलाकात!

0
43

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मिलने की तमन्ना लिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ता तक चली गई. लेकिन जो बाइडेन ने उनसे मिलना तो छोड़िए एक फोन तक नहीं किया. अब खबर है कि जो बाइडेन न्‍यूयॉर्क में पाकिस्‍तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे. न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के सत्र के दौरान शहबाज शरीफ को जो बाइडेन से मुलाकात करने का मौका मिलेगा. बाइडेन ने महासभा की बैठक में हिस्‍सा लेने आने वाले दुनियाभर के नेताओं को रिसेप्‍शन में आमंत्रित किया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक बाइडेन और शहबाज के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक भले ना हो, लेकिन रिसेप्‍शन के दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत होगी. बाइडेन के सत्‍ता में आने के बाद यह किसी पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री से उनका पहला संवाद होगा. बाइडेन ने अभी तक ना शहबाज शरीफ और ना ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से कोई बातचीत नहीं की है. अब इस सप्‍ताह पहली बार न्‍यूयॉर्क में शहबाज शरीफ और बाइडेन के बीच में बातचीत होगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाइडेन और शहबाज के बीच भले ही यह अनौपचारिक बातचीत हो रही हो, लेकिन इसका काफी महत्‍व है. वह भी तब जब इमरान खान के कार्यकाल में बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्‍तान को काफी हद तक अनदेखा कर दिया था.

हालांकि, तब से लेकर अब तक काफी कुछ बदल चुका है और पाकिस्‍तान में नई सरकार आने के बाद दोनों ही देशों के बीच रिश्‍ते काफी बेहतर हुए हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री के एक सलाहकार ने हाल ही में पाकिस्‍तान की यात्रा की है, वहीं बाइडेन प्रशासन ने भी 45 करोड़ डॉलर के हथियार और उपकरण एफ-16 फाइटर जेट के लिए दिए हैं.

बता दें, शहबाज शरीफ फ्रांस के राष्‍ट्रपति से भी इस सप्‍ताह मुलाकात करेंगे. यह 7 साल में पाकिस्‍तानी-फ्रांसीसी नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय बैठक होगी. पाकिस्‍तान और फ्रांस के बीच रिश्‍ते पिछले कुछ वर्षों में काफी खराब रहे हैं.

गौरतलब है कि फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति तालिबान राज आने के बाद इमरान खान से बातचीत करना चाहते थे लेकिन उन्‍होंने फोन कॉल का जवाब तक नहीं दिया था. इसके बाद मैक्रों ने कभी पलटकर फोन नहीं किया. फ्रांस यूरोपीय यूनियन का प्रमुख सदस्‍य देश है और भारत का करीबी देश है. फ्रांस FATF में भी बहुत प्रभावशाली भूमिका रखता है जहां अक्‍टूबर महीने में पाकिस्‍तान के भाग्‍य का फैसला होना है. माना जा रहा है कि शहबाज FATF को ध्‍यान में रखते हुए यह मुलाकात कर रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here